गढ़मुक्तेश्वर। तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण अब अधिकारियों से सवाल करने लगे हैं कि आखिर तेंदुए की दहशत कब खत्म होगी। ग्रामीण तेंदुए की चहलकदमी को लेकर दहशत में जी रहे हैं। पशुओं का चारा लाने के लिए खेतों पर डर-डर कर जाने के लिए विवश हैं। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए कार्रवाई की कवायद में जुटा हुआ है।
गांव नवादा खुर्द, शंकराटीला, पलवाड़ा, बहादुरगढ़, सेहल, कुलपुर, नवादा के जंगलों और आबादी के पास लगातार ग्रामीणों को तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। जंगल में हल्की सी आहट पर ग्रामीण घबरा जाते हैं। दहशत है कि तेंदुए उन पर हमला ना कर दें। शाम होते ही तेंदुए की दहशत से ग्रामीण घरों में कैद हो जाते हैं, लेकिन लोगों के जहन में दहशत बना तेंदुआ अभी तक नहीं पकड़ा जा सका है। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे और कैमरों से भी कोई कामयाबी नहीं मिल सकी है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द ही तेंदुए को पकड़वाकर उनको दहशत से निजात दिलाई जाए।
तेंदुए को पकड़ने के लिए विभाग की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तेंदुए की सही लोकेशन नहीं मिल सकी है। लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही तेंदुए पकड़ लिए जाएंगे। करन सिंह, वन क्षेत्राधिकारी