सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में क्लीनिक में हॉस्पिटल बेड के अलावा चारपाई बिछाकर उन पर मरीजों को भर्ती कर उपचार होता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही क्लीनिक में भर्ती महिला मरीज को लगाई गई ड्रिप की जांच वहां पहुंचकर किशोर ने की। वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि इस तरह के लोग मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की नजर इन लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है, या फिर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जानबूझ कर इन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।
व्यापारी नेता अनिल गोयल का कहना है कि अप्रशिक्षित चिकित्सकों, बिना सुविधा क्लीनिकों में मरीजों को भर्ती कर उपचार करने वालों और बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों पर ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन, कार्रवाई होने के कुछ समय बाद ही इन क्लीनिकों का संचालन दोबारा शुरू हो जाता है। महेंद्र का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से इस तरह के खिलवाड़ पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाना चाहिए।
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। डिप्टी सीएमओ डॉ. दिनेश भारती का कहना है कि प्रारंभिक जांच में नाबालिग से ड्रिप लगवाने का आरोप सही पाया गया है। क्लीनिक पर सील की कार्रवाई की गई है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। उनके आदेश पर अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी।