पिलखुवा टोल पर ट्रक से पनीर की जांच करती टीम। स्रोत: विभाग
हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर से दिल्ली जा रहे सिंथेटिक पनीर से भरे मिनी ट्रक को देर रात चेकिंग के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छिजारसी टोल पर पकड़ लिया। ट्रक से करीब 1.20 लाख रुपये की कीमत का छह क्विंटल सिंथेटिक पनीर बरामद हुआ। इसे टीम ने नष्ट करवा दिया।
मिलावटी पनीर, खोया और मिठाई के विरुद्ध जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई चल रही है। पिछले 10 दिनों में करीब तीन हजार किलोग्राम मिलावटी पनीर और खोया पकड़ा गया है। साथ ही नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। लगातार हो रही कार्रवाई के बाद भी मिलावटखोरी नहीं रुक रही है।
दूसरे जिलों से हापुड़ के हाईवे और अन्य मार्गों के जरिये देर रात से सुबह तक मिलावटी खाद्य सामग्री से भरी गाड़ियां दिल्ली, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद दौड़ रही हैं। मंगलवार की रात भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम छिजारसी टोल पर वाहनों की जांच कर रही थी। सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि बॉर्डर चेकिंग के दौरान छिजारसी टोल पर एक व्यावसायिक वाहन की जांच की गई।
मिनी ट्रक में गढ़ की रॉयल डेयरी से पनीर लेकर कुछ लोग दिल्ली जा रहे थे। जांच में सामने आया कि पनीर सिंथेटिक है और अस्वास्थ्यकर व्यवस्थाओं के बीच लेकर जाया जा रहा है। टीम ने दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। साथ ही लगभग छह क्विंटल सिंथेटिक पनीर को आनंद विहार में गड्ढा कराकर नष्ट कराया गया है। इसकी कीमत करीब 1.20 लाख रुपये है।
विभागों में आपसी तालमेल की कमी
त्योहार पर मिलावट का कारोबार बढ़ गया है। दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में खपत बढ़ने के कारण मिलावट भी जोरों पर है। इन दिनों जिले का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग कार्रवाई कर रहा है लेकिन दूसरे विभागों के अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं। विशेषकर, हर मार्ग पर चेकिंग के बाद भी पुलिस के सामने से पनीर, दूध और खोया के बड़े वाहन गुजर रहे हैं, जबकि इन वाहनों को रोककर जांच करानी चाहिए। इसी प्रकार दूसरे जिलों के अधिकारी भी हापुड़ आ रहे वाहनों की जानकारी नहीं दे रहे हैं।