हापुड़। वंदे भारत की हापुड़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव की घोषणा होते ही भाजपाइयों में श्रेय लेने की होड़ लग गई है। सोशल मीडिया के जरिए वर्तमान, पूर्व सांसद और मंत्री के समर्थक अपनी-अपनी उपलब्धि बताने लगे। एक समर्थक ने तो रेलमंत्री के पत्र पर ही संदेह जता दिया।
पिछले कुछ माह में जिले में भाजपा की राजनीति में नए गुट बन गए हैं। वर्तमान सांसद अरुण गोविल और पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल के समर्थकों में यह गुटबाजी शुरू हुई है। इस राजनीति का शिकार पिछले दिनों सदर विधायक भी हुए थे। पार्टी कार्यालयों, कार्यक्रमों के अलावा कई सार्वजनिक मंचों पर भी राजनीतिक मामले गर्म हो चुके हैं। ऐसे में अब एक नए मामले ने तूल पकड़ा है।
बुधवार को रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव का एक पत्र प्रदेश सरकार में मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल के नाम से जारी हुआ था। इस पत्र में वंदे भारत ट्रेन को हापुड़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने की बात कही गई, लेकिन पत्र जारी होने के बाद भाजपाइयों में श्रेय लेने की होड़ लग गई। सोशल मीडिया के जरिए मंत्री, सांसद और पूर्व सांसद के समर्थक एक-दूसरे से बहस करते भी नजर आए। वहीं, एक कार्यकर्ता ने तो सोशल मीडिया पर ट्रेन की समय सारिणी जारी करते हुए पूरे ही पत्र पर संदेह जता दिया तो दूसरे ने प्रभारी मंत्री के पते को लेकर संदेह जताया।
भाजपा के जिलाध्यक्ष नरेश तोमर ने बताया कि सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं। सभी के प्रयासों से ट्रेन को ठहराव मिला है। प्रभारी मंत्री के पास रेल मंत्री का पत्र पहुंच गया है। जनता को यह अच्छी ट्रेन मिली है।
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शुभम