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Hapur News: कूड़ा उठाने का शुल्क वसूलने के प्रस्ताव पर बोर्ड बैठक में हंगामा, नहीं हुआ पास

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नगरपालिका सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में पालिका अध्यक्ष के सामने हंगामा करते सभासद। संवाद
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हापुड़। नगर पालिका की बोर्ड बैठक शनिवार को हंगामेदार रही। शहरवासियों पर कूड़ा उठाने का शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर बोर्ड बैठक में हंगामा हो गया। सभासदों ने जमकर विरोध किया। विरोध के चलते प्रस्ताव पास नहीं हो सका। बैठक में कई सभासदों ने उनके शिकायत करने के बाद भी सुनवाई न होने पर आपत्ति जताई और अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। करीब दो घंटे तक चली बैठक में करीब 40 करोड़ रुपये के सभी 81 प्रस्ताव पास हो गए।
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शहर के करीब 38 हजार भवनों पर कूड़ा उठाने के लिए प्रति भवन 50 रुपये महीना शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर सभासदों ने कहा कि कुछ महीने पहले ही गृह, जल और सीवर कर बढ़ा है। हालांकि, ईओ ने कहा कि प्रदेश के निगम और पालिकाओं में यूजर्स चार्ज वसूला जा रहा है। शासन ने चार्ज वसूलने के आदेश दिए हैं। जिससे कि कूड़ा उठाने की प्रक्रिया सही प्रकार से चल सके, लेकिन सभासदों ने एक नहीं मानी और विरोध करके प्रस्ताव को रुकवा दिया।

बोर्ड बैठक से पहले पांचों नामित सभासदों ने शपथ ली। इसके बाद पालिकाध्यक्ष पुष्पा देवी की अध्यक्षता में सुबह करीब 11.30 बजे बोर्ड बैठक शुरू हुई। सभासद विकास दयाल ने डॉ भीमराव आंबेडकर का चित्र सभागार में न लगाने तक बैठक की कार्रवाई को रुकवाने के लिए कहा। करीब पांच मिनट बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और बाबा साहब का चित्र लेकर कर्मचारी पहुंचे। इसके बाद बैठक की कार्रवाई शुरू हो सकी।
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सभासद अमित मोनू बजरंग ने कहा कि शहर में बंदर और कुत्तों की समस्या बढ़ रही है, अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं। सभासद नितिन पाराशर ने स्वर्ग आश्रम रोड स्थित श्मशान की खराब हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वार्डों में मरम्मत का काम नहीं हुआ है, जबकि लाखों रुपये के बिल पास हो रहे हैं। सभासद भारती ने कहा कि वार्ड में सफाई नहीं हो रही है। सभासद सीमा ने बनारसीपुरा में सड़क पर जलभराव के कारण हो रही परेशानी को उठाया। सभासद अब्दुल मलिक ने वाहनों की संख्या बढ़ाने और बारिश से पहले सभी पुलिया की सफाई की मांग की।

सभासद रोहताश यादव ने कहा कि शिकायत के बाद भी स्ट्रीट लाइटें सही नहीं की हैं। कर्मचारियों को छह माह तक भी वेतन नहीं मिल रहा है। पिछली बार जो हैंडपंप रिबोर हुए हैं, उनमें से एक भी नहीं चल रहा है। वार्डों में वाटर कूलर तक नहीं लगाए गए हैं। सभासद मुकेश कोरी ने कहा कि नलकूपों के संचालन के लिए वर्ष 2018 से बार-बार एक ही फर्म का टेंडर आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों को टेंडर प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। सभासद आदित्य सूद ने कहा कि रेलवे रोड पर फैंसी लाइटें ठीक कराने और पालिका के पार्क में भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा लगाने की मांग की। सभासद रुद्राक्ष त्यागी ने फॉगिंग के ऊपर प्रतिदिन खर्च हो रहे 41 हजार रुपये के बिलों की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा घोटाला है।



अखबारों में छप रहीं खबरों से खुल रही पोल

वार्ड नंबर एक की सभासद कुसुम ने कहा कि उनके वार्ड में कई जगह जलभराव की समस्या है। लगातार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ है। अब लोग घर आकर पालिकाध्यक्ष और सभासद को गालियां दे रहे हैं। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालते हैं। अखबारों में खबरें छप रही हैं। इससे पालिका के काम की पोल खुल रही है। अधिकारी और कर्मचारियों का यह बर्ताव ठीक नहीं है।



तीन साल में पहली बार बोल रहा हूं... अब तो शर्म करें



वार्ड सात के सभासद जोरावर ने कहा कि दुखी होकर तीन साल में पहली बार बैठक में बोल रहा हूं। पोर्टल की शिकायत पर सुनवाई हो रही है, लेकिन सभासद के शिकायत करने पर सुनवाई नहीं होती है। अधिकारी व कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते हैं। इस पर सभासद शशांक गुप्ता ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि तीन साल जैसे-तैसे कट गए हैं और दो साल कटने अभी बाकी हैं। सभासद संदीप कुमार ने कहा कि तीन साल में 40 से अधिक पत्र लिखे हैं, लेकिन भाजपा का सभासद होने के कारण वार्ड में विकास कार्य नहीं होते हैं। उन्होंने बोर्ड का एजेंडा और पत्र फेंककर कहा कि अब बस आत्मदाह ही एकमात्र रास्ता बचा है। वहीं, अमित मोनू बजरंग ने कहा कि सभासदों की हालत भिखारियों जैसी हो गई है, अगली बैठक तक समाधान नहीं हुआ तो सभासद फटे कपड़े पहनकर आएंगे।

154 करोड़ की आय और 183 करोड़ रुपये के व्यय का मूल बजट पास

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 का आय व व्यय और वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय व व्यय का अनुमानित मूल बजट भी पास हो गया है। ईओ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुमानित करीब 119 करोड़ की आय व बजट मिला, जबकि 123 करोड़ रुपये का व्यय हुआ। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुमानित करीब 154 करोड़ की आय व बजट मिलने और 183 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा। वहीं, पालिका को अनुमानित के मुकाबले वास्तविक आय टैक्स में भी बेहद कम हुई है।



15 दिन में निकाले जाएंगे टेंडर



सभी 81 प्रस्ताव पास हो गए हैं। अन्य प्रस्ताव में शामिल कूड़ा उठाने के शुल्क का प्रस्ताव पास नहीं हुआ है। साफ-सफाई का आउटसोर्सिंग का टेंडर सभासदों ने एक साल के लिए आगे बढ़ाया है। जलकल विभाग और अन्य शेष आउटसोर्सिंग के टेंडर 15 दिनों में निकाले जाएंगे। - संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी

79 मोहल्लों में 13 करोड़ से होगा सड़कों, नालों और नालियों का निर्माण



पालिका द्वारा राज्य वित्त आयोग, 15वां वित्त आयोग, अवस्थापना विकास निधि, जल निकासी व सीवरेज योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना और स्वच्छ भारत मिशन आयोग से प्रस्ताव धनराशि से 79 मोहल्लों में करीब 13 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। पालिका द्वारा मोहल्ला लज्जापुरी की गली नंबर 5ए व 6ए, मोहल्ला शकरकुई में गढ़ गेट पुलिस चौकी के पीछे हारुन वाली गली, मोहल्ला पीरबाउद्दीन की गली नंबर 6, मोहल्ला भंडापट्टी में हीरा मस्जिद के पास, गोल मार्केट में डॉ मुंजला हीरालाल नर्सिंग होम के सामने पटिया डालने, देवलोक कालोनी में विमल की दुकान से मनोज शर्मा के मकान तक, जेके कालोनी में संजय व मुनेश शर्मा वाली गली, बतेस्दा स्कूल के पास सीसी सड़क व साइड पटरी, सोटावाली में शमशान घाट में इंटरलॉकिंग टाइल्स, सीसी रोड और नाली निर्माण का कार्य होगा। इसके अलावा दस्तोई रोड मोहल्ला आदर्शनगर, मोहल्ला कविनगर, मोहल्ला शिवगढ़ी, मोहल्ला करीमपुरा, मोहल्ला पीरबाउद्दीन, मोहल्ला इंद्रगढ़ी, मोहल्ला फूलगढ़ी कोटला, मोहल्ला अनुज विहार, फ्री गंज रोड व रामपुर रोड पर कवर्ड नाला आदि स्थानों पर निर्माण कार्य होंगे।

अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद हुई जानकारी

व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के पदाधिकारियों ने शनिवार को जिलाध्यक्ष अरुण गर्ग के नेतृत्व में पालिका परिसर में सुबह के समय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कूड़ा उठाने के लिए प्रतिमाह प्रति घर 50 रुपये शुल्क वसूलने के प्रस्ताव का व्यापारियों ने विरोध किया और ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही व्यापारियों ने सुबह ही पालिका पहुंचकर सभासदों से विरोध करने का आह्वान किया। बता दें कि 27 मार्च को अमर उजाला ने इस दिशा में नगर पालिका की तैयारी को लेकर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद से ही व्यापारी और आमजन ने इसका विरोध किया। सभी का कहना था कि खराब व्यवस्थाओं के बीच इस प्रकार से शुल्क वसूलना बेहद गलत है। प्रस्ताव को लेकर अधिक विरोध न हो, इसलिए गुपचुप तरीके से इसे अन्य प्रस्ताव में शामिल किया गया। मुख्य एजेंडे से अलग अन्य प्रस्ताव होता है। जिस पर किसी की अधिक नजर नहीं जाती है।

नगरपालिका सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में पालिका अध्यक्ष के सामने हंगामा करते सभासद। संवाद

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