हापुड़ के पिलखुवा के सर्वोदय इंटर कॉलेज में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान अमरोहा का एक अभ्यर्थी पुलिस कर्मियों और जांच टीम को चकमा देकर मोबाइल फोन केंद्र के अंदर ले गया। लघु शंका होने की बात कह वह शौचालय गया। काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो शक हुआ। जांच की तो उससे मोबाइल बरामद हुआ। इस प्रकरण में लापरवाही उजागर होने पर एसपी ने दो दरोगा सहित छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। आरोपी अभ्यर्थी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सोमवार को जिले के नौ केंद्रों पर यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा आयोजित करायी गई। सुरक्षा के कड़े इंतजामों का दावा पुलिस अधिकारियों ने किया। मोबाइल समेत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस प्रतिबंधित की गईं थी। इन सभी इंतजामों को धता बताकर पिलखुवा के सर्वोदय इंटर कॉलेज में अमरोहा निवासी सचिन (अनुक्रमांक 4500701221) मोबाइल फोन अंडरवियर में छिपाकर अंदर चला गया।
मैटम डिटेक्टर मशीन भी फोन को नहीं पकड़ सकी, या यू कहें की ड्यूटी पर लापरवाही के चलते जांच टीम ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी सचिन लघु शंका करने के बहाने शौचालय में गया। उसके वापस लौटने में देरी होने पर कक्ष में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों को उस पर शक हो गया। उन्होंने शौचालय खुलवाकर सचिन की तलाशी ली। उसके अंडरवियर में मोबाइल फोन मिला। अंदेशा है कि वह मोबाइल के जरिए प्रश्न पत्र सॉल्व कराने का प्रयास कर रहा था।
प्राथमिक पूछताछ में सचिन ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही अंडर वियर में फोन लाया था, जिसे शौचालय में छुपा दिया था। मामले की गंभीरता पर पुलिस केंद्र प्रभारी संजय सिंह ने थाना पिलखुवा में अभ्यर्थी सचिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि चेकिंग में लापरवाही बरतने वाले दो उप निरीक्षक सहित छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। जिनमें एसआई प्रेमचंद, एसआई इरफान मोहम्मद, हेड कांस्टेबल नरेंद्र पाल, हेड कांस्टेबल नीतू तोमर, सिपाही अजय कुमार और सिपाही प्रवीन कुमार शामिल हैं।
कड़ी निगरानी में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा, टोपी, कड़ा, चेन और चश्मा उतरवाकर मिला प्रवेश
आरक्षी नागरिक पुलिस व समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा के पहले दिन सोमवार को जिले के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा के लिए केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों को दो चरणों में जांच के बाद कड़ा, चेन, चूड़ी, टोपी, चश्मा आदि उतरवाकर ही अंदर जाने दिया। प्रवेश द्वार पर आधार कार्ड, पहचान पत्र और प्रवेश पत्र की जांच के बाद केंद्रों के भीतर दोबारा तलाशी ली गई। परीक्षा कक्ष में बायोमेट्रिक सत्यापन भी कराया गया।
परीक्षा केंद्रों के द्वार निर्धारित समय से करीब दो घंटे पहले खोल दिए गए थे। प्रत्येक केंद्र पर एसएचओ स्तर के अधिकारी तैनात रहे। पहली पाली में पंजीकृत 11,064 अभ्यर्थियों में से 7,394 उपस्थित और 3,670 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 11,064 अभ्यर्थियों में से 7,513 ने परीक्षा दी, जबकि 3,551 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर संतोष दिखाई दिया। उनका कहना था कि सामान्य ज्ञान, हिंदी, गणित और रीजनिंग के अधिकांश प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे। इससे चयन की उम्मीद बढ़ी है। इस बार बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा में हिस्सा लिया।
जिले में आठ से 10 जून तक 25 केंद्रों पर दो-दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। कुल 66 हजार अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी है। पहले दिन मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, बुलंदशहर और मुरादाबाद समेत विभिन्न जिलों से अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे।
हर केंद्र पर मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रभारी तैनात
प्रशासन के अनुसार, परीक्षा की निगरानी के लिए मेरठ मंडल के जोनल ऑब्जर्वर के रूप में आरके चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक एवं अंशकालिक सदस्य) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि परीक्षा का सफल, पारदर्शी और नकलविहीन संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक केंद्र पर व्यवस्थापक, केंद्र पुलिस प्रभारी, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट व बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए नामित कर्मियों की तैनाती की गई है।
परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्न
-भारतीय संविधान की किस अनुसूची में राज्यसभा में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सीटों के आवंटन का प्रावधान है?
-20 सिटीज टुवर्ड्स जीरो वेस्ट पहल में शामिल राज्य कौन-सा है?
-‘प्रहार’ रणनीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
-लास्को गुफाएं किस देश में स्थित हैं?
-समान नागरिक संहिता से संबंधित प्रश्न।
आधे किराये की सुविधा से खुश दिखे अभ्यर्थी
परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने यूपी रोडवेज की बसों में आधे किराये की सुविधा का स्वागत किया। उनका कहना था कि इससे यात्रा खर्च कम हुआ और रेलवे की भीड़ से भी राहत मिली।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
एक दिन पहले ही गाजियाबाद पहुंच गया था, ताकि परीक्षा में देरी न हो। प्रश्नपत्र आसान रहा, इसलिए सफलता की उम्मीद बढ़ गई है।-अवनीश कुमार, जसराना (फिरोजाबाद)
सामान्य ज्ञान और हिंदी के प्रश्न काफी आसान थे। अब परिणाम का इंतजार है।-अंजली, डिबाई (बुलंदशहर)
दो बार जांच होने के कारण प्रवेश में समय लगा, लेकिन परीक्षा अपेक्षाकृत आसान रही। अच्छे परिणाम की उम्मीद है।-लोकेश कुमार, आगरा
रीजनिंग और सामान्य ज्ञान के सवाल आसान लगे। परीक्षा से पहले बैग बाहर जमा कराना पड़ा था।-सर्वेश कुमार, फिरोजाबाद