जलस्तर में यदि अधिक बढ़ोतरी होती है, तो गांवों के लोगों को राहत शिविर में ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से ऐलान कराकर चेतावनी दे दी जा रही है। डीएम ने कहा कि गांवों में जलभराव से संचारी रोग फैलने का खतरा बढ़ेगा, इसके लिए जांच शिविर लगाने शुरू किया जाएगा।
इसके बाद एसडीएम और बीडीओ को बाढ़ संभावित क्षेत्र में निगरानी करने का निर्देश दिया। जिसके बाद डीएम ने गांव शाकरपुर, भगवंतपुर, नयागांव, अब्दुल्लापुर, मुकीमपुर, रेत वाली मढैया में बाढ़ राहत चौकियां का निरीक्षण किया।