जिले के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। हापुड़ क्षेत्र के गांव लालपुर में न्यू हापुड़ रेलवे स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। यहां यात्रियों को प्लेटफॉर्म, वेटिंग हॉल और शौचालय समेत सुविधाएं मिलेंगी। अन्य बुनियादी इसके साथ ही गाजियाबाद से हापुड़ होते हुए सीतापुर तक 403 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। जिले के 36 गांवों से होकर 32 किलोमीटर लंबे दो रेलवे बाईपास भी बनाए जाएंगे।
इन परियोजनाओं पर कुल 14,926 करोड़ रुपये खर्च होने प्रस्तावित हैं। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन यात्रियों की सुविधा के लिए मानक के अनुसार तीन प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, एफओबी, पार्किंग एरिया, यात्री शेड, शौचालय सहित जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही रेलवे स्टॉफ के लिए आवास का निर्माण भी किया जाएगा। नई रेलवे लाइन और स्टेशन बनने से रेलमार्ग की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर भी रेल यातायात भी सुगम बनेगा।
इन गांवों से निकलेगा रेलवे बाईपास
हापुड़ क्षेत्र में प्रस्तावित बाईपास कस्तला कासमाबाद, अनवरपुर, कांवी, रघुनाथपुर, पूठा हुसैनपुर, सबली, रामपुर, चितौली, अकड़ौली, सादिकपुर, सलाई, गौंदी, सुल्तानपुर, लालपुर, सिमरौली और बाबूगढ़ समेत अन्य गांवों से होते हुए शकरपुर तक जाएगा। वहीं, सिंभावली क्षेत्र का बाईपास सिखेड़ा मुरादाबाद, मुरादपुर, वैट, सरूरपुर, अठसैनी, बदरखा, गढ़ बांगर, बढ़ खादर और अल्लाबख्शपुर होते हुए बागड़पुर तक प्रस्तावित है।
66 गाजियाबाद से सीतापुर लंबे रेल मार्ग पर तीसरी तक 403 किलोमीटर और चौथी लाइन बिछाने की योजना है। इसके तहत न्यू हापुड़ रेलवे स्टेशन भी प्रस्तावित है। जिले के 35 गांवों से होकर दो रेलवे बाईपास निकलेंगे। इनके लिए सर्वे कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है। परियोजना के लिए 14,926 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है।
- महेश यादव, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद रेलवे मंडल
150 हेक्टेयर भूमि का किया जाएगा अधिग्रहण
हापुड़ और सिंभावली क्षेत्र में दो रेलवे बाईपास प्रस्तावित हैं। पहला बाईपास करीब 19 किलोमीटर लंबा होगा, जो 24 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके निर्माण के लिए 97.5345 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। दूसरा बाईपास सिंभावली क्षेत्र में करीब 13 किलोमीटर लंबा होगा। इसके लिए 52.8286 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। दोनों बाईपास की कुल लंबाई 32 किलोमीटर और भूमि अधिग्रहण का क्षेत्रफल करीब 150.36 हेक्टेयर है। रेलवे बाईपास के अलावा जिले में शेष स्थानों पर पुरानी रेलवे लाइन के किनारे तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी।