मानव रहित फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिये रेलवे ने एक बेहतर उपाय निकाला है। ऐसे फाटकों पर हूटर्र लगाये जायेंगे और यह ट्रेन का मूवमेंट होने के बाद बज उठेंगे। ताकि फाटक क्रॉस कर रहे वाहन चालक सावधान हो जाये।
मानव रहित फाटकों पर इन हूटर्रों को गेट पर लगे सोलर पैनल से जोड़ा जायेगा। रेलवे अफसरों ने इस योजना का डिजाइन तैयार कर लिया है और उसे जल्द ही अमली जामा पहनाये जाने की तैयारी है। गाजियाबाद-मुरादाबाद के बीच एक दर्जन से अधिक रेलवे फाटक ऐसे हैं,जो मानव रहित है।
जबकि मेरठ से खुर्जा के बीच इन फाटकों की संख्या भी एक दर्जन है। मानव रहित फाटकों पर अक्सर ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने के साथ साथ आमजन की हानि भी होती है। जिससे रेलवे को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
मानव रहित फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिये रेलवे ने खास प्लानिंग तैयार की है। इस प्लानिंग के तहत अब रेलवे ऐसे फाटकों पर सोलर पैनल लगाने के साथ साथ हूटर्र भी लगायेंगा।
हूटर्रों से यह फायदा होगा कि जब ट्रेन उस सेक्शन पर आयेगी तो हूटर्र लाल बत्ती करने के साथ साथ तेज आवाज के साथ बज उठेगा। ताकि फाटक क्रॉस करने वाले वाहन चालक सावधान हो जाये और फाटक क्रॉस न करें।
रेलवे के सूत्रों की मानें तो हूटर्र लगाने का इन दिनों ट्रयाल चल रहा है। कुछ स्थानों पर इसका प्रयोग काफी सफल साबित हुआ है। जिसके बाद सभी मंडलों में मानव रहित फाटकों पर हूटर्र और सोलर पैनल लगाने का काम किया जा रहा है।
इस सोनल पैनल से ही हूटर्रों को कनेक्ट किया जायेगा। ताकि यह बिजली का प्रयोग न होने पर भी अपने आप बज उठे। फिलहाल मुरादाबाद मंडल में इस योजना का डिजायन तैयार कर लिया गया है।
मुरादाबाद मंडल के डीआरएम प्रमोद कुमार ने बताया कि यह सच है कि डिजायन तैयार किया जा चुका है। फिलहाल ट्रैक सर्किट की सिक्योरिटी आदि पर गहनता से विचार चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इस योजना को अमलीजामा पहनाया जायेगा।