नोटबंदी के दो माह बाद भी सिकंदरपुर काकौड़ी गांव निवासी एक किसान बैंक से कैश निकालने के लिए चक्कर लगा रहा है। मंगलवार को किसान ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की।
सिकंदरपुर काकौड़ी गांव निवासी किसान मंगलसेन ने बताया कि उसका गांव स्थित इंडियन बैंक में खाता है। एक माह पहले सिंभावली शुगर मिल ने उसका वर्ष 2014-15 का बकाया गन्ना भुगतान उसके खाते में ट्रांसफर किया था।
तब से वह बैंक से रुपये निकालने के लिए चक्कर लगा रहा है। उसने बताया कि जब घंटों लाइन में लगने के बाद वह कैशियर के काउंटर पर पहुंचा तो कैशियर ने उसे कैश देने से मना कर दिया।
विरोध पर बैंक मैनेजर और कैशियर ने अभद्रता करते हुए उसे भगा दिया। इसकी उसने बाबूगढ़ थाने में शिकायत की थी।
शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान न होने पर किसान ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर कैश दिलवाने की मांग की है।