डायट प्राचार्य-प्रवक्ता रहते हैं गायब
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परिषदीय स्कूलों में बच्चों का भविष्य बनाने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित करने वाले प्राचार्य और प्रवक्ता दो बजते ही डायट से गायब हो जाते हैं। अमर उजाला की टीम दोपहर 2.45 बजे ने डायट पहुंची तो स्टॉफ रूम, प्राचार्य कक्ष की कुर्सियां खाली पड़ी थी। ऐसे बीटीसी प्रशिक्षुओं को सही ट्रेनिंग कैसे मिल पाएगी।
वर्तमान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में 188 बीटीसी प्रशिक्षु प्रशिक्षण पा रहे हैं। डायट के प्राचार्य, प्रोफेसर समय से पहले ही घरों को रवाना हो जाते हैं। मजबूरी में प्रशिक्षुओं को भी घर जाना पड़ता है।
मंगलवार अपराह्न 2.45 बजे अमर उजाला की टीम ने डायट का निरीक्षण किया तो सच्चाई सामाने आई। प्राचार्य कक्ष की कुर्सी खाली पड़ी थी और स्टॉफ रूम में भी कोई प्रवक्ता नहीं था। पता चला कि सभी प्रोफेसर और प्राचार्य दो बजे ही घर चले गए।
जबकि डायट के बंद होने का समय शाम पांच बजे हैं। शिक्षामित्रों से अंकतालिका के लिए रुपये मांगे जाने पर शिक्षामित्र शिकायत करने डायट पहुंचे तो वहां कोई नहीं था।
हालांकि डायट में लेखाकार गुफरान, वरिष्ठ लिपिक भदौरिया, प्रभात, कंप्यूटर ऑपरेटर अजय कुमार, विनोद, दीपक, पुष्पा ही मौजूद थे। डायट प्राचार्य से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन स्विचऑफ था।