हापुड़। चमरी की महिला को कनेक्शन देने में अनियमितता पर दिल्ली रोड और प्रीत विहार बिजलीघर के जेई आमने सामने आ गए हैं। महिला ने जिस जेई पर सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाया, उसने थाने में साक्ष्य समेत जेई और कथित पत्रकारों के खिलाफ तहरीर दी है। कनेक्शन में अनियमितता डिवीजन कार्यालय से होना पाया गया है, जोकि टेक्निकल एरर की वजह से हुआ।
महिला उपभोक्ता मीनू शर्मा ने एक वीडियो वायरल कर आरोप लगाया था कि उसे दो किलोवाट का कनेक्शन देने के नाम पर 67 हजार रुपये का एस्टीमेट बनाया गया। आरोप है कि बाद में उसे घटाकर 29777 कर दिया गया। महिला ने यह पैसा कम करने के नाम पर जेई सुधीर कुमार पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया।
लेकिन मामले की जांच में पता चला कि जेई सुधीर ने एस्टीमेट 67401 रुपये का बनाया था, लेकिन डिवीजन कार्यालय से जब टीसी अपलोड की गई वह 29777 रुपये की थी। इसकी जानकारी मिलते ही जेई ने एक्सईएन, एसडीओ प्रथम को व्हाट्स एप पर ही इसकी जानकारी दी, इसके बाद टीसी रिवाइज की गई। जेई सुधीर कुमार ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि पहले महिला ने प्रीत विहार बिजलीघर से कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे महीनों तक भटकाया गया। इसके बाद महिला ने दिल्ली रोड बिजलीघर से कनेक्शन के लिए आवेदन किया।
सुधीर कुमार ने आरोप लगाया कि दिल्ली रोड बिजलीघर का चार्ज लेने के लिए ही जेई और दो कथित पत्रकारों ने साजिश कर वीडियो वायरल कराया है। इस मामले में जेई ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा है।
-मुझे हटाने के लिए रचा गया षड्यंत्र-
दिल्ली रोड बिजलीघर का चार्ज मुझसे छिनने के लिए ही एक जेई द्वारा इस तरह का षड्यंत्र रचा जा रहा है। डिवीजन कार्यालय से ही टीसी अपलोड करने में तकनीकी गलती हुई। मेरे द्वारा जितना एस्टीमेट बनाया गया था, वह आज भी उतना ही है।सुधीर कुमार, अवर अभियंता दिल्ली रोड।
-
-गलत काम में खुद फंसे, अब लगा रहे गलत आरोप-
जेई की अपनी आईडी और पासवर्ड है, एस्टीमेट बनाना और उसमें संशोधन करना उसी के हाथ होता है। इस एस्टीमेट में भी यही कार्य किया गया। कई अन्य मामलों की जांच में भी जेई सुधीर फंस रहे हैं, उनके ऊपर बिन वजह गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।अरूण कुमार, जेई प्रीत विहार बिजलीघर।
-
-मामले की जांच कर होगी उचित कार्रवाई-
पूरे प्रकरण की जांच करायी जा रही है, इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। महिला उपभोक्ता के भी बयान लिए जाएंगे।यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।
-