पिलखुवा। डिलीवरी के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सीय लापरवाही साबित होने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने अस्पताल और चिकित्सकों पर 10.70 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है।
मोहल्ला पुरा निवासी मीना पत्नी नियाज अहमद ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, हापुड़ में परिवाद दायर कर बताया कि 26 फरवरी 2014 में एनएच-24 स्थित रामा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में उनकी डिलीवरी ऑपरेशन से हुई थी।
ऑपरेशन के बाद लगातार पेट दर्द बना रहा। कई स्थानों पर इलाज कराने के बाद वर्ष 2018 में दूसरे अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन किया गया, जहां पेट से तौलिया निकला। इसके बाद उन्होंने आयोग में परिवाद दायर किया।
आयोग के अध्यक्ष भोपाल सिंह और अन्य सदस्य ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध चिकित्सीय अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर डॉ. मोनिका, डॉ. रेणुका, रामा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर व उसके निदेशक को चिकित्सीय लापरवाही का दोषी माना।
आयोग ने पीड़िता को 1.70 लाख रुपये इलाज खर्च, नौ लाख रुपये शारीरिक, मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति तथा पांच हजार रुपये वाद व्यय, कुल 10.75 लाख रुपये का भुगतान सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 45 दिन के भीतर करने के आदेश दिए। आदेश का पालन नहीं होने पर विधिक नियमानुसार कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं।