संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। जिले की नगर पालिकाओं में पेट्रोल और डीजल के बिलों का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाए जाएंगे। भुगतान के समय जीपीएस मूवमेंट के लॉगबुक का सत्यापन होगा, इसमें अंतर मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
पिछले कुछ दिनों से नगर पालिकाओं में पेट्रोल व डीजल की गड़बड़ी को लेकर डीएम को गोपनीय शिकायतें मिल रही थीं, इसमें साफ है कि वाहनों द्वारा तय किए गए किमी. और जनरेटरों के इस्तेमाल किए गए तेल से कहीं ज्यादा पेट्रोल व डीजल का क्रय किया जा रहा है। जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई है। इस पूरे प्रकरण को अत्यंत ही असंतोषजनक और संशय पैदा करने वाला भी माना है। अब मामले में नगर पालिका के वाहनों और जनरेटरों को चलाने के लिए खरीदारी में गड़बड़ी पर आदेश दिए गए हैं।
आदेश में साफ है कि पालिकाओं में संचालित सभी वाहनों पर जीपीएस ट्रैकर लगवाए जाएं। साथ ही बिलों का भुगतान जीपीएस द्वारा लॉग किए गए मूवमेंट के आधार पर हो। इसका भी सत्यापन कराया जाएगा। जिससे कि भुगतान के समय अंतर न आए।
डीएम के आदेश के बाद से पालिकाओं में अफरा-तफरी का माहौल है। एक जनप्रतिनिधि की निजी गाड़ियों में डीजल व पेट्रोल डलवाकर बिल पालिका से भुगतान कराने के मामले में एक दिन पहले ही बड़ा विवाद हुआ। भुगतान के लिए चेक तक पर हस्ताक्षर नहीं हुए। इस कारण हापुड़ नगर पालिका क्षेत्र में शनिवार को सफाई व्यवस्था तक ठप रही। इस कारण पेट्रोल पंप स्वामी का भुगतान तक नहीं हुआ। जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बिल का भुगतान हो सका। इसके बाद जाकर वाहनों को पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति हो सकी।
डीएम अभिषेक पांडेय ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के उपयोग को लेकर लगातार गोपनीय शिकायतें आ रही थीं। जिसके बाद सभी अधिशासी अधिकारियों को जीपीएस सिस्टम के माध्यम से ही भुगतान के आदेश दिए गए हैं। इसमें गड़बड़ी मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।