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जलभराव से सिसक रहा डीएम की गोद में ट्याला गांव

Mon, 03 Jul 2017 08:00 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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ट्याला गांव - फोटो : अमर उजाला
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तत्कालीन जिलाधिकारी अजय यादव ने जब ट्याला गांव को गोद लिया था तो ग्रामीणों को उम्मीद बंधी थी कि कम से कम जर्जर सड़क और जलभराव से गांव को जल्द मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन तीन साल बाद भी यहां की सड़कें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।
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वहीं, जलभराव की समस्या इस गांव की नियति बन गई है। ग्राम प्रधान व प्राशासनिक अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा रहा है।

ट्याला गांव में रास्तों की हालत जर्जर हो चुकी हैं, नालियों की सफाई नहीं होने से पानी निकासी बधित हो रही है। घरों का गंदा पानी रास्तों में भरने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश में रास्ता जलमग्न हो जाता है।

जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और  लोगों में बीमारियां पनपे का खतरा भी बना हुआ है। जलभराव के चलते कई बार तो स्कूली बच्चें भी पानी में गिरकर घायल हो चुके हैं।
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उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह कई बार ग्राम प्रधान व प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

गांव निवासी महेंद्र का कहना है कि जलभराव के कारण गांव के लोगों को पानी से गुजरकर निकलना पड़ता है और साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।

गांव निवासी देवीदास का कहना है कि रास्ते में जलभराव के कारण कई बार स्कूली बच्चे गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके साथ जलभराव के कारण लोगों में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।

जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर गांव में इस प्रकार की समस्या है तो गांव में टीम भेजकर समस्या का समाधान कराया जायेगा।
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