हापुड़ । अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट ने दो भाइयों की पिटाई करने व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने के तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक विनीता त्यागी ने बताया कि नितिन भारती पुत्र वीर सिंह निवासी मोहल्ला अहाता बस्ती गढ़मुक्तेश्वर ने कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें कहा कि उसको गोल्डी ने फोन करके बदरखा फ्लाईओवर के पास बुलाया। वह अपने भाई सोनू के साथ मौके पर पहुंच गया। जहां गोल्डी व उसके कुछ साथी पहले से ही मौजूद थे। आरोपियों ने लाठी-डंड़ों से उन पर हमला कर दिया। जिससे वह और उसका भाई सोनू घायल हो गए। साथ ही आरोपियों ने जाति सूचक शब्दों का भी प्रयोग किया।
पुलिस ने मामले की जांच कर गोल्डी, बंटी उर्फ सोमवीर, वैभव, देवेंद्र यादव के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट में चल रही थी। जहां पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद बुधवार को न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने निर्णय सुनाया। न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने आरोपी गोल्डी, वैभव यादव व देवेंद्र को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर दोषियों को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। वहीं, मामले के एक अन्य आरोपी बंटी उर्फ सोमवीर के न्यायालय में अनुपस्थित चलने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी।