हापुड़। अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 15 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया है।
सिंभावली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाना सिंभावली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 27 अप्रैल को वह नमाज पढ़ने गया था, जबकि उसकी पत्नी घर की छत पर थी। नाबालिग 16 वर्षीय बेटी घर में नीचे अकेली थी। शाम के समय बेटी को घर में अकेला देखकर मोहल्ला का ही मुन्नू घर में घुस आया और उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर उसके कपड़े फाड़ दिए और पुत्री को नीचे गिरा दिया।
पुत्री के शोर मचाने पर पत्नी नीचे आई, वह भी घर वापस आ गया। पीड़ित ने अपनी बेटी को आरोपी मुन्नू से छुड़वाया और शोर मचाया, तो पड़ोसी मौके पर आ गए। सभी की मदद से आरोपी को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश(पाॅक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने निर्णय सुनाया। न्यायाधीश ने अभियुक्त मुन्नू उर्फ सौमीन तीन वर्ष का कारावास और कुल 15 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भोगना होगा पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़िता को पुनर्वास के लिए 25,000 रुपये की प्रतिकर धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ द्वारा देय होगी।