ब्रजघाट। गंगा नगरी स्थित श्मशानघाट के निकट पैर फिसलने से शुक्रवार की शाम तीन बच्चे गंगा में डूबने लगे। मामले की जानकारी पर गोताखोरों ने दो बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। हालांकि तीसरे की तलाश में गोताखोर देर रात तक जुटे रहे। ब्रजघाट निवासी नौराज और मोहन गंगा तट पर मछलियों को खिलाने वाला दाना बेचने का काम करते हैं। शुक्रवार की शाम नौराज का 11 वर्षीय बेटा सौरभ, मोहन का आठ वर्षीय बेटा यश एक अन्य बच्चे के साथ गंगा किनारे टहल रहे थे। जो टहलते हुए श्मशानघाट के पास पहुंच गए। जहां तट पर फिसलन होने के चलते बच्चों के पैर फिसले और तीनों गंगा में बहने लगे। बच्चों के चिल्लाने और तट पर मौजूद लोगों के शोर मचाने पर पास में मौजूद स्थानीय मल्लाह और गोताखोर मोटरबोट लेकर गंगा में उतर गए। जिन्होंने कुछ देर के प्रयास के बाद सौरभ और यश को सकुशल गंगा से बाहर निकाल लिया, लेकिन उनके साथ मौजूद तीसरे बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका। सूचना के बाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय, ब्रजघाट चौकी प्रभारी इंद्रकात भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जिन्होंने गोताखोरों की मदद से तीसरे बच्चे की गंगा में तलाश कराई, लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चल सका। इंस्पेक्टर विनोद पांडेय ने बताया कि दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। तीसरे बच्चे की तलाश की जा रही है। संभवत उसे भी जल्द ही तलाश लिया जाएगा।