परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को ड्रेस बांटने में हो रही हेराफेरी को रोकने के लिए शिक्षा विभाग तीसरी आंख से निगरानी कराएगा। इसके तहत अब स्कूल में डीएम की तरफ से एक सरकारी कर्मचारी ड्रेस वितरण की वीडियोग्राफी करेगा।
डीएम कृष्णा करुनेश ने बताया कि ड्रेस वितरण की मॉनीटरिंग का निर्णय लिया गया है। बीएसए को निर्देश दिए गए है कि जिले के सभी स्कूलों में एक ही दिन में ड्रेस का वितरण किया जाएगा। इस दौरान स्कूल की प्रबंध समिति के अलावा डीएम की ओर से चिन्हित कर्मचारी इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करेगा।
डीएम ने बताया कि करीब 60 हजार बच्चों के लिए शासन से करीब 1.20 करोड़ रुपया का फंड मिला है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रबंध समितियों के खाते में इस धनराशि को पहुंचा दिया गया है।
शासन ने ड्रेस वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए यह पहल की। शासनादेशानुसार विद्यालय स्तर पर क्रय समितियां गठित की जाएंगी। खरीद के लिए कुटेशन और टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा भुगतान भी नकद न होकर कैशलेस होगा। इसके लिए विक्रेता को चेक के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।