क्षेत्र के गांव दौताई में भेड़िये का खौफ पसरा है। रविवार रात को फसलों की रखवाली करने गए किसानों को भेडिए के डर से गांव भागना पड़ा।
बृहस्पतिवार की रात में ड्राइवर अलीम के आंगन में सो रहे तीन बच्चों पर झपट्टा मारने के अगले ही दिन शुक्रवार की रात को आम के बाग में रखवाली कर रहे वकील अहमद और मुकम्मिल पर भी जंगली जानवर झपटा था। जिससे बचकर दोनों पेड़ पर चढ़ गए थे।
नील गायों की रोकथाम के लिए शनिवार रात में फसलों की रखवाली करने गए इसरार और ताहिर गन्ने की खेत से निकल रहे जंगली जानवर को देखकर भाग निकले।
रविवार रात को फसल की सिंचाई कर रहे शाहिद, इकराम और सुनील गन्ने की फसल से निकले जंगली जानवर को देखकर गांव को भाग आए।
ड्राइवर अलीम, बाग के रखवाले, किसान ताहिर, इसरार के बाद शाहिद, इकराम और सुनील ने भी यही दावा किया है कि ईंख से निकला जंगली जानवर भेड़िया था। महीपाल चौहान का कहना है कि भेड़िया आने की खबर से महिला-बच्चों समेत जंगल में काम करने वाले भयभीत हैं।
वन दारोगा अरुण शर्मा ने बताया कि विभागीय टीम ने ग्रामीणों को साथ लेकर रविवार रात जंगल तलाश की थी। इस दौरान जंगली जानवर का कोई पता नहीं लगा। जिस जानवर को ग्रामीण भेड़िया बता रहे हैं, वह जंगली कुत्ता प्रतीत हो रहा है।