भारत, जर्मनी, अमेरिका और ब्रिटेन की संयुक्त टीम ने ब्रजघाट समेत गंगा किनारे बसे गांवों का जायजा लिया। टीम ने गंगा की स्वच्छता और मानवमित्र डॉल्फिन संरक्षण के लिए प्रदूषण की रोकथाम को बेहद जरूरी बताया।
भारत, फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन के पर्यावरणविदों की एक संयुक्त टीम मंगलवार को ब्रजघाट पहुंचीं। भारत की शिल्पिका गौतम, देवांग और कुमारन महालिंगम के नेतृत्व में स्पाइक रेड ब्रिटेन, पॉस्कल ड्यूवाइस जर्मनी,
गेलन हीथ अमेरिका ने गढ़-ब्रजघाट में गंगा नदी की भौगोलिक स्थिति, जलधारा, जलीय जंतुओं, गंगा में गिर रहे दूषित नालों की स्थिति, किनारे पर बसे गांवों में रहने वालों के जीवन स्तर पर बारीकी के साथ जांच की।
शिल्पिका गौतम ने बताया कि टीम गंगोत्री से चली है, जो गंगा सागर तक जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गंगा समेत उससे जुड़े रहस्यों को सामने लाना है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि गंगा किनारे के गांवों के असल मुद्दे क्या हैं।