मोदीनगर। गांव सीकरी खुर्द में संजीवनी एस्टेट के समीप स्थित जेपीएम पब्लिक स्कूल के निदेशक खड़क सिंह, प्रधानचार्या नेहा और शिक्षिका हेमलता के खिलाफ मोदीनगर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि स्कूल की मान्यता आठवीं तक ही है जबकि वहां इंटरमीडिएट तक के छात्रों को दाखिला कराया जा रहा था।
स्कूल की मनमानी के कारण इंटरमीडिएट की एक छात्रा की परीक्षा छूट गई। गांव सीकरी खुर्द के रहने वाले दीपक जाटव की ओर से दर्ज रिपोर्ट के अनुसार उनकी पुत्री किरन जाटव कक्षा छह से संजीवनी एस्टेट के समीप स्थित जेपीएम पब्लिक स्कूल में पढ़ रही थी। इंटरमीडिएट में भी किरन जेपीएम पब्लिक स्कूल में ही पढ़ रही थी। आरोप है कि वर्ष 2023-24 में 12वीं की बोर्ड परीक्षा प्रवेश पत्र देेने के नाम पर स्कूल प्रबंधन की तरफ से 40 हजार रुपये की मांग की गई। जबकि किरन की फीस प्रतिमाह जमा हो रही थी। आरोप है कि रुपये देने से मना करने पर छात्रा को थप्पड़ मारे गए और जाति सूचक शब्दों को प्रयोग कर अपमानित किया गया।
प्रवेश पत्र नहीं मिलने के कारण किरन की परीक्षा छूट गई। इससे उसका भविष्य अधर में लटक गया। दीपक ने मामले की शिकायत की तो उन्हें भी जातिसूचक शब्द कहते हुए पीटा गया। दीपक ने आरटीआई लगाई तो उसमें स्कूल की मान्यता आठवीं तक की मिली। दीपक ने मामले की शिकायत पुलिस और शिक्षा विभाग में की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दीपक ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने मोदीनगर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्रधानाचार्य नेहा, शिक्षिका हेमलता और निदेशक खड़क सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।