अतिक्रमण और यातायात पुलिस की लापरवाही से शहर में आए दिन जाम लग रहा है। सोमवार को भी तहसील चौराहा से लेकर मेरठ तिराहा पक्का बाग तक पूरे दिन लोग जाम से जूझते रहे। जाम में फंसी एंबुलेंस काफी देर तक सायरन बजाती रही लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
वहीं, स्कूल बसों के जाम में फंसने से नौनिहालों का पूरा हाल रहा। सुबह भी बच्चे परिजनों के साथ बस प्वाइंट पर बसों का इंतजार कर परेशान दिखे। पुलिस की लापरवाही से सोमवार सुबह शहर ही यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
वाहन चालक काफी देर तक जाम से जूझते रहे। लेकिन यातायात पुलिस जाम के झाम से मुक्ति दिलाने का कोई प्लान तैयार नहीं कर पाई है। यही कारण रहा कि सोमवार को दिन निकलते ही तहसील चौराहे से निकलने वाले दिल्ली रोड, गढ़ रोड, बुलंदशहर रोड पर भीषण जाम लग गया।
चिलचिलाती धूप में लोग जाम में फंसकर पसीने बहाते रहे। आलम यह था कि कई एंबुलेंस और स्कूल बसें जाम में फंसी रही। स्कूलों की छुट्टी होते ही जाम ने और विकराल रूप ले लिया। मरीज एंबुलेंस में तड़पते रहे और स्कूली बच्चे गर्मी में बिलबिला गए।
दोपहर बाद तक भी कुछ ऐसे ही हालात थे। लोगों का आरोप था कि यातायात पुलिस का जाम की ओर ध्यान नहीं है। यातायात पुलिस की अवैध वसूली और सड़कों के दोनों ओर अवैध पार्किंग के चलते आए शहर जाम से कराह रहा है। लेकिन पुलिस सड़क किनारे लगे अतिक्रमण को हटाने में रुचि नहीं ले रही है। वैसे तो शहर में हर तरफ जाम से लोग जूझते हैं।
लेकिन तहसील चौपला, मेरठ तिराहा, पक्काबाग चौपला, गढ़ रोड पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास अकसर जाम से लोग परेशान रहते हैं। समस्या यह है कि इन्हीं स्थानों पर भी पुलिस की कोई खास रणनीति नहीं है।
इसलिए सोमवार को भी शहर लगभग 8 घंटे तक जाम से जूझता रहा। एएसपी आरएन यादव का कहना है कि जाम से निजात के लिए सड़क के किनारे से अतिक्रमण जल्द हटाए जाएंगे। लापरवाह यातायात पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।