सिंभावली में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक क्लीनिक पर छापेमार कार्रवाई कर उसे सील कर दिया है। चिकित्सक पर गर्भपात करने का आरोप लगाया गया है, वहीं इस क्लीनिक का स्वास्थ्य विभाग में कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है।
इस क्लीनिक में जच्चा बच्चा केंद्र भी चलाया जा रहा था। चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। सीएमओ डॉ. एके सिंह के नेतृत्व में डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश अनुरागी और पीएचसी इंचार्ज डॉ. दिनेश भारती समेत
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को सिंभावली में गन्ना समिति के पास हाईवे किनारे चल रहे क्लीनिक पर छापामारी की। वहां तलाशी के दौरान यूनानी चिकित्सा पद्धति की बजाय एलोपैथिक दवा और उपकरण बरामद हुए।
यूनानी चिकित्सा पद्धति से जुड़ी बीयूएमएस डिग्री लेकर एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल करने को सेहत महकमे ने पूरी तरह अवैध और फर्जी माना है। जिसके चलते क्लीनिक को मौके पर ही सील कर वहां मौजूद दवा और उपकरणों को कब्जे में ले लिया गया।
पीएचसी इंचार्ज ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ थाने में तहरीर दी है, जिसमें उसके खिलाफ फर्जी ढंग में चिकित्सा कारोबार कर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया गया है।
वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि क्लीनिक पर गर्भपात कराने की शिकायत मिल रही थी। जांच में क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन भी नहीं मिला। क्लीनिक को सील कर दिया गया है।
एसओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि पीएचसी इंचार्ज की तहरीर पर आरोपी चिकित्सक जाहिद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।