शिवरात्रि, चौथे शनिवार और रविवार के मद्देनजर बैंकों में अवकाश के पहले दिन ही शहर के अधिकांश एटीएम धोखा दे गए। ग्राहक सुबह से ही कैश निकालने के लिए भटकते रहे। कई एटीएम के तो शटर तक भी नहीं उठे।
ऐसे में बैंक अफसरों के दावे एक बार फिर फुस्स हो गए। नोटबंदी के बाद से अभी एटीएम सुविधा पटरी पर नहीं आ सकी है। कार्य दिवस में तो शहर में कुछ एटीएम चालू रहते हैं,
लेकिन अवकाश में एटीएम के शटर तक नहीं खुलते। ऐसे में ग्राहकों को कैश के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। शुक्रवार को भी शहर में कुछ इसी तरह के हालात रहे।
बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर लगा एटीएम बंद ही पड़ा रहता है। शुक्रवार को भी इस एटीएम पर नो कैश का नोटिस चस्पा मिला। ऐसे में ग्राहकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
गढ़ रोड स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की मुख्य शाखा पर लगा एटीएम भी शोपीस बना रहा। शुक्रवार को इस एटीएम का शटर भी नहीं खुला। ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुलंदशहर रोड स्थित सिंडिकेट बैंक के एटीएम का भी शटर बंद रहा। यह एटीएम भी नोटबंदी के बाद से अधिकांश समय तक बंद ही रहा है। ग्राहकों को यहां भी राहत नहीं मिलने से परेशान होना पड़ा।
तहसील चौराहे पर लगा एचडीएफसी बैंक का एटीएम भी शुक्रवार को शोपीस बना रहा। मुख्य चौराहे पर होने के कारण काफी संख्या में ग्राहक इस एटीएम पर पहुंचते हैं। लेकिन बैंक अफसरों की अनदेखी से उन्हें बेहद परेशान होना पड़ा।
जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी ने बताया कि बैंक अफसरों को अवकाश के चलते एटीएम सेवा सुचारू रखने के निर्देश दिए गए थे। मामले में वह अधिकारियों से वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।