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गंगा आरती कर कमिश्नर ने किया मेले का उद्घाटन

Fri, 11 Nov 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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गंगा मेला - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ मंडल के कमिश्नर आलोक सिन्हा ने बृहस्पतिवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ गंगा आरती कर गंगा मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान शांति के प्रतीक गुब्बारे हवा में छोड़े गए। उद्घाटन समारोह के दौरान कमिश्नर ने शासन से मेले के लिए अनुदान
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और गंगा मेला को प्रदेश मेला मानचित्र में स्थान दिलाने का भरोसा दिलाया। बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े चार बजे जिला पंचायत और पुलिस-प्रशासनिक अफसरों का अमला गढ़ खादर मेला स्थल पर पहुंचा।

कमिश्नर आलोक सिन्हा ने डीएम अनिल ढींगरा, एसपी अलंकृता सिंह, एडीएम रजनीश राय, सीडीओ कुणाल सिल्कू, मेलाधिकारी आरएन पांडेय, जिला पंचायत आयोजन समिति संयोजक सतपाल यादव की मौजूदगी में फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया।
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इसके बाद कमिश्नर ने विधि-विधान से हवन कुंड में आहुति दी और गंगा आरती की। वैदिक मंत्रोच्चारण पंडित गोविंद शर्मा शास्त्री, आचार्य मधुसूदन शास्त्री और पंडित विनोद शर्मा ने कराया। इस दौरान मेला सीओ सुशील कुमार, मेला इंचार्ज वीके शर्मा,

तहसीलदार मनोज कुमार, इंस्पेक्टर समरजीत सिंह, जिला पंचायत अधिकारी नरेश यादव, सपा नेता धर्मवीर डबास, पूर्व चेयरमैन कृष्णवीर गब्बर, पूर्व प्रमुख दिनेश यादव मौजूद रहे।

खादर मेले के उद्घाटन के बाद कमिश्नर, डीएम और एसपी ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद मेला रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ।

इस दौरान डीएम एके ढींगरा और एसपी अलंकृता सिंह ने मेले से जुड़े सुरक्षा बंदोबस्त समेत भक्तों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी कमिश्नर को दी। डीएम ने अफसरों को मेला स्थल पर अस्थाई सड़क, पुलों, पेयजल, सफाई,

पथप्रकाश, गंगा किनारे बैरिकेडिंग आदि व्यवस्थाएं सही ढंग से करने की हिदायत की। इस दौरान कमिश्नर ने कृषि प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।  

मेला प्रशासन के अनुसार खादर के मिनी कुंभ मेले में बृहस्पतिवार शाम तक आठ लाख से अधिक भक्तों ने विभिन्न सेक्टरों में पड़ाव डाला है। गंगा का तटीय मैदान रंग बिरंगी रोशनी से गुले गुलजार हो उठा है।

देवोत्थान एकादशी के चलते देर शाम तक लोगों का आगमन जारी है। जिला पंचायत अफसरों के अनुसार बृहस्पतिवार देर शाम तक खादर मेले में आठ लाख से अधिक भक्तों ने पड़ाव डाला है। गढ़ समेत सभी संपर्क मार्गों पर भक्तों के वाहनों का तांता लगा हुआ है।

मेलाधिकारी आरएन पांडेय और जिला पंचायत समिति संयोजक पति सतपाल यादव का कहना है कि गंगा भक्तों से जुड़ी किसी भी सुविधा में कोई खामी सामने आने पर ठेकेदारों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।

शासकीय उपेक्षाओं के चलते महाभारत कालीन खादर मेले को आज तक उसका असल मुकाम नहीं मिल पाया है। वहीं, पर्यटन विभाग की लापरवाही से विदेशी सैलानी इस मेले के महत्व और मेले के अद्भुत रूप से अनजान हैं।

कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष गंगा नदी के किनारे मुजफ्फरनगर के शुक्रताल, मेरठ के मखदूमपुर, जेपीनगर के तिगरी धाम, गाजियाबाद के मुरादनगर, बुलंदशहर के अनूपशहर, नरौरा, वाराणसी,

हरिद्वार, प्रयाग सहित विभिन्न तीर्थों पर लक्खी मेला भरते हैं। जो धार्मिक महत्ता गढ़ खादर मेले से जुड़ी है, वह दूसरे स्थान की नहीं है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों से यहीं धार्मिक अनुष्ठान कराए थे।

गंगा मेले में हाई अलर्ट जारी होने के बाद बृहस्पतिवार को एटीएस, एनडीआरएफ समेत पुलिसफोर्स ने मोर्चा संभाला लिया। गंगा मेले में इस बार मुख्य स्नान पर्व में करीब 70 लाख श्रद्धालु के आने का अनुमान है।

आतंकी साए की आशंका के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गंगा नदी की दोनों साइडों से जुड़े गढ़ खादर, ब्रजघाट और तिगरी धाम में हाई अलर्ट घोषित किया हुआ है। खादर मेले में गंगा किनारे निगरानी को बनाए गए वाच टावरों पर पुलिस तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरे लग गए हैं।

मेला सीओ सतीश चंद्र पांडेय और मेला इंचार्ज वीके शर्मा का कहना है कि सुरक्षा बंदोबस्त कड़े करने के साथ ही प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्य स्नानघाट समेत भीड़भाड़ वाले स्थानों पर एनडीआरफ,

डॉग स्क्वायड, एटीएस, एंटी माइंस, आरआरएएफ, बम निरोधक दस्ते, घुड़सवार पुलिस और गुंडा दमन दल को सुरक्षा की कमान सौंपी गई है।
 
खादर मेला स्थल पर बृहस्पतिवार को दंगल का आयोजन किया गया। दंगल में कई नामी गिरामी पहलवानों ने दाव-पेचों का अद्भुत प्रदर्शन किया। हालांकि पहलवाल नरसिंह यादव के नहीं आने और महिला कुश्ती नहीं होने से दर्शक निराश हुए।

गढ़ खादर मेला स्थल पर गंगा किनारे दंगल का आयोजन हुआ, जिसका शुभारंभ कमिश्नर आलोक सिन्हा, डीएम एके ढींगरा, एसपी अलंकृता सिंह और मेला आयोजन समिति संयोजक सतपाल यादव ने पहलवानों का हाथ मिलवाकर किया।
कमिश्नर ने कहा कि कुश्ती की कला भारत की प्राचीन और गौरवमई संस्कृति का अहम हिस्सा है। युवा वर्ग में कुश्ती को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है। सीनीयर वर्ग कुश्ती प्रतियोगिता में भूरा गढ़ी बहलौलपुर ने धीरज नोएडा और श्यामू बहलौलपुर ने सुनील को चित कर दिया।

कपिल नोएडा ने अरविंद को बेलनी के दांव पर चित कर दिया। गुरदीप राजस्थान और नितिन सरफाबाद की टक्कर बराबरी पर छूटी। वहीं, जूनियर वर्ग की कुश्ती में रिजवान, नौशाद, सारिक, गोटी, डेविड, यूसुफ, आकाश, रोहित,

पंकज, विवेश, आदेश, मोंटी, पुष्पेंद्र, राहुल, उपहार, विपिन, अंकित ने अपने प्रतिद्वंदियों को पटखनी दी। जूनियर वर्ग के नरसिंह को कमिश्नर ने 11 हजार और डीएम ने एक हजार का इनाम दिया। दंगल आयोजक सपताल यादव ने कोच रेवती, रमी सिंह और कालू को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया।  

विदेशी महमानों ने भी सफाई कर गंगा को साफ सुथरा रखने का संकल्प दिलाया और पौराणिक मेले के भक्ति में मस्ती के संगम को जमकर सराहा। भारत समेत विदेशों में भी योग की शिक्षा दे रहे सामाजिक संगठन स्टे नेचुरल फाउंडेशन ने खादर मेले में कैंप लगाया है,

जिसमें बृहस्पतिवार को फाउंडेशन संस्थापक सूर्या सिंह ने वैदिक रीति रिवाज से महाशिव पुराण कथा का शुभारंभ किया। इसमें रूस, रोमन और अलखानंद्रा से विदेशी भाग लेने सूर्या सिंह के साथ गंगा किनारे पहुंचे।

जहां उन्होंने सफाई कर मेले में आए भक्तों को गंगा की साफ सफाई में भागीदार बनने का संकल्प दिलाया।  वहीं, ब्रुक हॉस्पिटल फोर एनिमल इंडिया ने देश के सबसे बड़े अश्व मेले में प्रभात फेरी निकालकर लोगों से जानवरों के प्रति हमदर्दी और उनकी उचित देखभाल करने का आह्वान किया।

प्रतिनिधि प्रेमा पांडेय ने बताया कि मेले में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया है, जिसमें अश्व प्रजाति के पशुओं की सभी बीमारियों का उपचार किया जा रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में पशु पालक मौजूद रहे।
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