जर्जर कक्ष में लेंटर गिरने के खौफ से खुले आसमान के नीचे पढ़ने वाले बच्चों ने शनिवार को बारिश होने पर भी कक्ष में बैठने से इंकार कर दिया। मामला हमीद कन्या पाठशाला का है। यहां आए दिन लेंटर टूटकर गिरने से बच्चे भयभीत हैं।
प्रशासनिक अफसर कई बार बिल्डिंग का निरीक्षण कर चुके हैं। बावजूद इसके बच्चों का अब तक दूसरे स्कूलों में समायोजन नहीं किया गया है। शनिवार को जर्जर बरामदे में किसी तरह उनकी कक्षाएं चलीं। बुलंदशहर रोड स्थित हमीद कन्या पाठशाला में करीब 109 बच्चे पंजीकृत हैं।
पाठशाला की बिल्डिंग इस कदर जर्जर हो चुकी है कि कमरों में पड़े लेंटर के टुकड़े आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। इससे भयभीत बच्चे कमरों में बैठने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। मजबूरी में शिक्षकों को खुले आसमान के नीचे बच्चों को पढ़ाना पड़ता है।
आलम यह है कि शनिवार को बरसात के दौरान शिक्षक ने बच्चों को कमरे में बैठाना चाहा, लेकिन बच्चों ने कक्ष में बैठने से स्पष्ट मना कर दिया। मजबूरी में शिक्षक को बच्चों को बाहर जर्जर बरामदे में बैठाकर पढ़ाना पड़ा। वहां भी छत से पानी टपकने के कारण बच्चे परेशान रहे।
यह स्कूल प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहा है। फिर भी जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ाया जाना गंभीर मामला है, वह जल्द ही इन बच्चों को दूसरे स्कूलों में समायोजित कराने का प्रयास करेंगे। देवेंद्र गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी