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Hapur News: प्राधिकरण के कार्यों की होगी ऑनलाइन निगरानी, सभी विभागों की एनओसी के बाद ही पास होगा नक्शा

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हापुड़। अब सभी विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लेने के बाद ही एचपीडीए से भवन का नक्शा पास हो सकेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्राधिकरण के सभी कार्यों की ऑनलाइन निगरानी होगी, इसके लिए नया एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल फाॅस्टपास बनाया गया है। जिसका प्रशिक्षण अधिकारियों को दिया गया है। हालांकि, अभी पुराने आवेदनों का निस्तारण 31 जुलाई से पहले किया जाएगा।
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नई व्यवस्था के तहत प्राधिकरण की सभी प्रमुख सेवाएं एक ही मंच पर लाने का लक्ष्य है। अधिकारियों के स्तर पर उनकी ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इससे आवेदनों के निस्तारण, लंबित मामलों और तय समय-सीमा की लगातार मॉनिटरिंग संभव होगी।
इससे पहले प्राधिकरण के वीसी मुकेश चंद्र ने ऑनलाइन सेवाओं की समीक्षा की और सभी प्रमुख सेवाओं को एक पोर्टल पर ही लाने के निर्देश दिए। वीसी ने बताया कि अभी ओबीपीएएस पोर्टल काम करता है, जो आगामी दिनों में बंद हो जाएगा। उस पर अब कोई आवेदन नहीं होगा। नए पोर्टल पर ही सभी प्रकार के आवेदन होंगे। वहीं, नए पोर्टल के जरिए नक्शों की स्वीकृति में पारदर्शी रहेगी।
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यह सेवाएं हैं ऑनलाइन
प्राधिकरण के सचिव अमित कादियान ने बताया कि वर्तमान में प्लॉट योजनाओं का प्रकाशन, आवेदन, ई-नीलामी, भवन का नक्शा पास कराना, कम्प्लीशन और अधिभोग प्रमाण-पत्र जारी करने जैसी कई सेवाएं ऑनलाइन हैं। इसके अलावा संपत्ति हस्तांतरण, पानी-सीवर बिल और एनओसी जैसी सुविधाओं के लिए अलग से जनसुविधा पोर्टल है, लेकिन अलग-अलग पोर्टलों पर संचालित होने के कारण इनकी एकीकृत निगरानी नहीं हो पाती है। बड़े भूखंडों से जुड़ी सेवाएं निवेश मित्र पोर्टल पर हैं और जल व सीवर विभाग का अलग पोर्टल है। वहीं, प्लॉट योजनाओं को लेकर अलग से पोर्टल चलता है। ऐसे में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में कठिनाई रहती है, जबकि नई व्यवस्था में सभी सेवाओं को एक मंच पर लाकर आवेदन की स्थिति व निस्तारण की समय-सीमा ऑनलाइन दिखाई देगी।

यह कहते हैं अधिकारी
सभी पुराने आवेदनों का 31 जुलाई 2026 तक निस्तारण हर हाल में किया जाएगा। नए सिस्टम से प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी होंगी। इससे प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। - मुकेश चंद्र, उपाध्यक्ष, एचपीडीए
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