लेदर सिटी योजना से संबंधित किसानों ने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी कीमत पर मुआवजे की राशि को वापस नहीं करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2011 में पुराने भू अर्जन कानून के साथ ही हापुड़ की लेदर सिटी परियोजना को भी रद्द कर दिया था।
तभी से किसानों पर मुआवजा वापसी के लिए दबाव बनाया जा रहा है। भूमि अर्जन विभाग द्वारा अब संबंधित किसानों को आरसी जारी की जा रही है। इससे किसानों में गुस्सा है। किसानों ने डीएम को ज्ञापन देकर अधिग्रहित जमीन पर दूसरी योजना प्रस्तावित करने की मांग की है।
डीएम कार्यालय पर पहुंचे गांव रामपुर, सबली, शिवगढ़ी के किसानों ने बताया कि बुलंदशहर रोड और रामपुर गांव को जाने वाले मार्ग पर लेदर सिटी प्रस्तावित थी। इसके लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित कर ली गई थी। किसानों को इसका मुआवजा भी मिल चुका है।
उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पुराने भूअर्जन कानून के साथ इस परियोजना को भी रद्द कर दिया था। इसके बाद से उनसे लगातार मुआवजे का पैसा वापस मांगा जा रहा है। जिन किसानों ने पैसा जमा नहीं किया है,
भूमि अर्जन विभाग ऐसे किसानों को आरसी जारी कर रहा है। इससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि कुछ किसानों ने पैसा जमा भी कर दिया है। डीएम को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने अधिग्रहित की गई भूमि पर कोई अन्य परियोजना प्रस्तावित कराने की मांग की है,
ताकि उन्हें पैसा वापस नहीं करना पड़े। ज्ञापन देने वालों में चमन सिंह, सूबे सिंह, रामपाल सिंह, राजपाल, जगत सिंह, शिवचरण, हरपाल सिंह, महेश चंद, सत्यप्रकाश, जितेंद्र, सुरेंद्र, वीरेंद्र, महेश चंद, महेंद्र त्यागी, ओमप्रकाश, महकार सिंह, आजाद आदि रहे।