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Hapur News: ऑनलाइन फीड होगी छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक स्थिति

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हापुड़। परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक स्थिति का ब्योरा अब ऑनलाइन फीड होगा। एप पर देखा जा सकेगा कि छात्र को क्या आता है और कितना सीखना बाकी है। दिसंबर से प्रेरणा पोर्टल पर प्रगति कार्ड बनाने का काम शुरू हो जाएगा। इस संबंध में शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

जिले में 419 प्राथमिक विद्यालयों में करीब 62 हजार छात्र पंजीकृत हैँ। इन छात्रों की शैक्षणिक स्थिति कैसी है, यह जानने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करने जाते हैं। इसके अलावा एआरपी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन छात्रों की शैक्षणिक स्थिति परखते रहते हैं, ताकि कमजोर छात्रों में सुधार लाने के लिए अलग से प्रयास किए जा सकें। अधिकारी निरीक्षण में छात्रों से सवाल पूछ लेते हैं, जवाब न देने पर छात्र हतोत्साहित होते हैं। ऐसा न हो, इसके लिए अब प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी लगाने के साथ ही प्रगति कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रगति कार्ड में छात्र की शैक्षणिक स्थिति का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। साप्ताहिक समीक्षा के बाद छात्र की शैक्षणिक स्थिति इसमें फीड कर दी जाएगी। इससे पता लग सकेगा कि वह कहां तक सीख गया है और कहां सीखने में उसे दिक्कत आ रही है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को भी प्रगति कार्ड के जरिए छात्र की स्थिति का पता रहेगा और वे उसे आगे सीखने के लिए प्रेरित कर सकेंगे। प्रगति कार्ड कैसे बनेगा, इसका प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जा रहा है। दिसंबर से प्रगति कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे।

प्रगति कार्ड में कक्षा-कक्ष प्रक्रिया, गतिविधि, समूह कार्य, व्यक्तिगत कार्य, लिखित कार्य, मौखिक कार्य और नियमित टेस्ट में छात्र के प्रदर्शन का ब्योरा होगा। प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक के छात्रों से उनकी अत्यधिक पसंद का ब्योरा लिया जाएगा। कक्षा तीन से पांच तक के छात्रों से उनकी पसंद का विवरण हासिल किया जाएगा। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों से पूछा जाएगा कि उन्हें इसमें और कार्य करने की आवश्यकता है।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी रितु तोमर ने बताया कि प्रगति कार्ड छात्र के शैक्षणिक स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि किसी शिक्षक का स्थानांतरण दूसरे स्कूल में होता है, तो भी उसे प्रत्येक छात्र के शैक्षणिक स्तर की जानकारी हो जाएगी और वह बेहतर कार्य कर पाएगा। इससे यह समझने में भी मदद मिलेगा कि छात्र को कहां परेशानी आ रही है। दिसंबर से प्रगति कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे।
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