हापुड़। अपर जिला जज (त्वरित न्यायालय द्वितीय) की अदालत ने गांजा की बड़ी खेप की तस्करी करने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। एक आरोपी को साक्ष्य व गवाहों के आधार पर दोषमुक्त किया गया है।
13 नवंबर 2020 को थाना सिंभावली पुलिस ने 189 किलोग्राम गांजा पाउडर के साथ जिला मेरठ के थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र के मोहल्ला श्याम नगर निवासी सलमान, हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सिकंदर गेट निवासी आसिफ व नौशाद को गिरफ्तार किया था। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने जांच के आधार पर बाद में आरोपियों के एक साथी मोहल्ला सिकंदर गेट निवासी बिलाल का नाम भी मुकदमे में शामिल किया गया था। पुलिस ने बिलाल को घटनास्थल से फरार होना बताया था।
जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। सोमवार को अपर जिला जज (त्वरित न्यायालय द्वितीय) वीरेश चंद्रा ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सलमान, आसिफ व नौशाद को दोषी करार देते हुए उन्हें दस-दस साल के कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर बिलाल को दोषमुक्त करार दिया।
चोरी के मामले में दोषी को सुनाई सजा
हापुड़। बाबूगढ़ पुलिस ने चोरी के मामले में वर्ष 2016 में मोहल्ला चैनापुरी फिरोज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के बाद विवेचक ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सोमवार को न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को चार वर्ष एक माह 19 दिन के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।