हापुड़। खेत पर काम रह रहे तीन लोगों पर जानलेवा हमला कर हत्या का प्रयास करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय द्वितीय ने पिता व दो बेटों को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने दोषियों को दस-दस साल के कारावास व 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।
हापुड़ के गांव दस्तोई के शैलेंद्र कुमार ने 17 फरवरी 2018 को कोतवाली नगर में तहरीर देते हुए बताया था कि 24 नवंबर 2016 को वह अपनी पत्नी मुकेश देवी व छोटे भाई पुष्पेंद्र के साथ खेत पर अरहर की फसल कटवा रहा था। फसल काटने में करीब 12 मजदूर भी लगाए हुए थे। शाम के करीब चार बजे गांव के ही परशुराम, डालचंद, अमित, अनुज व सुमित खेत पर पहुंचे। आरोप था कि आरोपियों ने गाली गलौज कर फसल काट रहे मजदूरों को भगा दिया। विरोध पर आरोपियों ने बलकटी व लाठी-डंडों से उसकी पत्नी व छोटे भाई पर जानलेवा हमला कर दिया। इसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास में पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
बृहस्पतिवार काे मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय द्वितीय न्यायाधीश वीरेश चंद्रा ने परशुराम व उसके दो पुत्रों अमित व अनुज को दोषी करार दिया। वहीं, डालचंद, व सुमित को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है। तीन दोषियों को दस-दस साल के कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।