हापुड़। कड़ाके की ठंड और कोहरे का कहर जारी है। बुधवार को शीतलहर ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। शीतलहर के कारण न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस गिर गया। ठंड के बीच कांपते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे। सर्दी के बढ़ते प्रकोप से अभिभावकों ने स्कूलों का अवकाश घोषित करने की मांग उठाई है।
पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर जिले में साफ दिखाई दे रहा है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। अधिकतम तापमान 17 डिग्री दर्ज किया गया जो मंगलवार के मुकाबले एक डिग्री कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरकर छह डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। दिन में आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली। इसके कारण लोग ठिठुरते नजर आए। शीतलहर के चलते दो पहिया वाहनों चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं किसान और मजदूर भी ठंड में बेहाल दिखाई दिए।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक कड़ाके की ठंड के साथ ही शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के कारण जिले में अभी सर्दी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
गेहूं को फायदा, सब्जियों को नुकसान-
मौसम का असर फसलों पर भी पड़ा है। ठंड पड़ने से गेहूं की फसल को फायदा और सब्जियों खासकर मटर, सरसों, आलू आदि को नुकसान है। इस सब्जियों में बीमारियां लगने की संभावना है।