मोहल्ला मीरा रेती निवासी पीड़ित पिता मनीष केवट ने बताया कि वह हर साल की तरह इस बार भी परिवार के साथ ब्रजघाट गंगा जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान सभी लोग गंगा के दूसरी ओर स्नान करने गए। इसी दौरान उनका बेटा मनीष (12) स्नान करते-करते गंगा की मध्य धारा में पहुंच गया, जहां अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूबने लगा।
घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में बैचेनी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद नाविकों और गोताखोरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए किशोर को बाहर निकाला और आनन-फानन में गढ़मुक्तेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव को घर ले आए।
घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा किनारे ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और सख्त करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
सीओ स्तुति सिंह का कहना है कि गंगा पार अमरोहा क्षेत्र आता है, लेकिन मौके पर पुलिस को भेजा गया था। परिजन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं। शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
अस्थाई घाट हटवाने की मांग
स्थानीय लोगों ने गंगा पार जाकर स्नान करने वालों पर रोक लगाए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गंगा के उस पार अमरोहा क्षेत्र आता है, जहां पर स्नान के दौरान कोई सुरक्षा नहीं है। न तो कोई बैरिकेडिंग है, न ही कोई नाव या गोताखोर होता है। इसलिए यहां से अस्थाई घाट हटाने चाहिए, जिससे भविष्य में कोई इस तरह की घटना न हो सके।