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Hapur News: प्रधानमंत्री आवास के 511 लाभार्थियों की होगी जांच

Tue, 23 Sep 2025 09:52 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में अपात्रों को लाभ देने की शिकायतों के बाद डीएम अभिषेक पांडेय ने कई विभागों के अधिकारियों को जांच सौंपी है। यह अधिकारी हापुड़ पालिका क्षेत्र के 320 और पिलखुवा के 191 लाभार्थियों की जांच और सत्यापन करेंगे।
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योजना का लाभ डूडा के माध्यम से लाभार्थियों को मिलता है। अलग-अलग वर्गों में योजना का लाभ दिया जाता है। इसमें मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये तक दिए जाते हैं। पिछले दिनों योजना को लेकर शिकायतें हुई थीं। कुछ लोगों ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि पात्र होने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है जबकि, डूडा के अधिकारी अपात्रों को योजना का लाभ दे रहे हैं।

इस पर डीएम ने हापुड़ नगर पालिका के लिए 17 अधिकारियों को नामित करते हुए 320 लाभार्थियों की सूची सौंपी है। इसके अलावा पिलखुवा नगर पालिका क्षेत्र के लिए नौ अधिकारियों को 191 लाभार्थियों की जांच का जिम्मा सौंपा है। जांच के दौरान अधिकारियों को पात्र और अपात्र को लेकर लाभार्थी की जानकारी देनी होगी।
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इन बिंदुओं पर होगी जांच

बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी योजना के तहत ईडब्लूएस, एलआईजी, एमआईजी श्रेणी के ऐसे परिवार पात्र हैं, जिनके पास देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं है। ईडब्लूएस के लिए परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक रहेगी। वहीं, एक लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित पुत्र या अविवाहित पुत्री शामिल होंगी। इसके अलावा अन्य बिंदु भी जांच में अधिकारियों को शामिल करने होंगे।



पिता-पुत्र को लाभ देने पर नोटिस जारी

नगर के वार्ड नंबर नौ निवासी जफर आलम ने आरोप लगाते हुए बताया था कि इसी वार्ड में उनका पुराना मकान है। इसमें कई साल से चरण सिंह किराए पर रहते थे। शहर से बाहर रहने के दौरान किसी ने उन्हें बताया कि चरण सिंह ने मकान को तोड़ डाला और मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बना लिया है। इसके लिए डूडा से पांच लाख रुपये भी मिले थे। पालिका में शिकायत करने पर सामने आया कि उन्होंने अपने मकान को बेच दिया है, जबकि पीड़ित ने अभी तक किसी को मकान नहीं बेचा है। पालिका ने जानकारी दी कि उसके मकान की हाउस टैक्स की रसीद कटी हुई है, इसमें नाम परिवर्तन है। पीड़ित ने जब मामले की ज्यादा जानकारी की तो सामने आया कि रसीद के आधार पर एक ही व्यक्ति और उसके पुत्र को आवास स्वीकृत कर दिए गए। वहीं पालिका के जिस कर्मचारी ने हाउस टैक्स की रसीद काटी थी, उनकी मृत्यु हो चुकी है। इस मामले में डूडा के अधिकारियों ने पिता-पुत्र को नोटिस जारी किया था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।


कोट -

जिलाधिकारी के आदेश पर जांच चल रही हैं। हापुड़ पालिका क्षेत्र में करीब 150 पात्रों की जांच भी हो चुकी है, इनमें कोई भी अपात्र नहीं मिला है। पिलखुवा क्षेत्र में भी जांच जारी है। सभी पात्रों को नियम से ही योजना का लाभ दिया गया है। - सरोज पाठक, सीएलटीसी, डूडा
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