कानपुर में स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद जिले के स्वास्थ्य अफसरों में हड़कंप मच गया है। सीएमओ ने चिकित्सकों को अस्पतालों में व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं।
बीते वर्ष जिले में स्वाइन फ्लू से 6 मौतें हुईं थीं। उधर, पशु चिकित्सा विभाग के अफसरों ने भी सूअरों की जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि सर्दियों में स्वाइन फ्लू का वायरस सक्रिय हो जाता है। कानपुर में एक व्यक्ति में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं।
इससे स्थानीय स्वास्थ्य अफसर भी सचेत हो गए हैं। सीएमओ ने चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि स्वाइन फ्लू के लक्ष्ण मिलते ही मरीज के गले से तरल पदार्थ का सैंपल भरकर सेंट्रल लैब भेजें।
खांसी, जुकाम, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, हाथ-पैर के जोड़ों में दर्द है। डायबिटीज, हार्ट और सीओपीडी के मरीजों में इसका अटैक होने का खतरा ज्यादा होता है।
स्वाइन फ्लू छींकने, खांसने या प्रभावित व्यक्तियों और उनके द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुओं को छूने से फैलता है। इसलिए किसी भी व्यक्ति जिसे इंफ्लुएंजा जैसे लक्षण बुखार, बदन दर्द, थकान, खांसी, गले में खराश हो तो उसके पास थ्री लेयर मास्क या रुमाल से नाक और मुंह ढंक कर जाएं।
जिले में फिलहाल स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं मिल सका है। चिकित्सकों को व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए है।- डॉ.सुभाष चंद गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी