दिल्ली, गाजियाबाद के बाद अब हापुड़ में भी स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। चार मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की गई है। इनमें गौतमबुद्धनगर के अस्पताल में हापुड़ के धनौरा निवासी बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक के बाद अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं।
सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा ने बताया कि हापुड़ के केशवनगर निवासी 58 वर्षीय महिला का इलाज मेरठ में चल रहा है। वहां आरटीपीसीआर जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। गढ़मुक्तेश्वर की रहने वाली 58 वर्षीय महिला में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि की गई है।
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उनका इलाज भी मेरठ में चल रहा है। धौलाना निवासी 54 वर्षीय बुजुर्ग की रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली है, हालांकि उनका पता और मोबाइल नंबर गलत होने के चलते अन्य विवरण प्राप्त नहीं हो सका है।
सीएमओ ने बताया कि हापुड़ के गांव धनौरा निवासी 63 वर्षीय बुजुर्ग नानक चंद शर्मा का शुक्रवार को गौतमबुद्धनगर के अस्पताल में निधन हो गया। शनिवार को टीम ने गांव पहुंचकर जांच पड़ताल की। उनकी स्वाइन फ्लू संबंधी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। मरीजों के संपर्क में आए लोगों को दवाएं भी दी गई हैं।
सीएचसी में पांच-पांच और जिला अस्पताल में 20 बेड आरक्षित
स्वाइन फ्लू को लेकर शासन ने गाइडलाइन जारी की है। अलर्ट के बाद जिले की आठ सीएचसी में पांच-पांच और जिला अस्पताल में 20 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। स्टाफ को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। लक्षण के आधार पर मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे।
आज से जिला अस्पताल में शुरू होंगी जांच
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर सीएमओ ने शासन में जांच किट की डिमांड भेजी है। रविवार को किट उपलब्ध हो जाएगी। इसके साथ ही जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच शुरू हो जाएगी। वहीं विभाग को छह हजार टैबलेट भी मिल चुकी हैं। इन दवाओं को अस्पतालों में रखवाया गया है। जिन मरीजों में सीवियर या मध्यम स्टेज का स्वाइन फ्लू है, उन्हें दवाएं मुहैया करायी जाएंगी।
दो अधिकारियों की भी सेहत खराब
स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त दो अधिकारियों की सेहत भी ठीक नहीं बताई जा रही है। इन्हें खांसी, बुखार और जुकाम की गंभीर समस्या बताई जा रही है। हालांकि स्वाइन फ्लू की पुष्टि अधिकारी नहीं कर रहे हैं। विभाग में चर्चा है कि इनमें से एक की हालत खराब है। उनमें लक्षण भी आ रहे हैं।
2017 में स्वाइन फ्लू ने बरपाया था कहर
जिले में वर्ष 2017 में स्वाइन फ्लू ने कहर बरपाया था। उस वर्ष 28 मामले सामने आए थे। इनमें से आठ लोगों की जान चली गई थी। इस बार अधिकारी स्वाइन फ्लू को सामान्य ही बता रहे हैं। कुछ ही मामलों में यह घातक साबित हो रहा है।
ये लक्षण आएं तो रहें सचेत
तेज बुखार के साथ सांस फूलना।
खांसी के साथ बुखार आना।
नाखूनों का रंग पीला पड़ जाना।
तेज बुखार के साथ पूरे शरीर में भयंकर दर्द होना।
अस्पतालों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। दवाएं भी मुहैया करवा दी गई हैं। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच शुरू हो जाएगी। लक्षण आने पर मरीज जांच अवश्य कराएं। मास्क और आवश्यक दूरी का पालन करें। - डॉ. किशोर आहूजा, सीएमओ