हापुड़ सीएचसी पर धरना देता आशाएं। स्रोत संगठन
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखने लगा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने भी दूसरे दिन हड़ताल जारी रखी। इसके चलते शहर से लेकर गांवों तक चल रहे सर्वे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत घर-घर दस्तक देकर मरीजों को चिह्नित करने का काम भी रुक गया है। दूसरी ओर, अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचारी अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी जुटाने और बीमारियों के लक्षण वाले मरीजों को चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू कराया है। इसमें आशा कार्यकर्ताओं और एनएचएम कर्मियों की अहम भूमिका रहती है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण घर-घर जाकर जानकारी जुटाने और मरीजों की पहचान करने का काम प्रभावित हो रहा है। इससे अभियान के निर्धारित कार्यों को समय पर पूरा करने में भी परेशानी आ रही है। शुक्रवार को आशाओं ने हापुड़ सीएचसी में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाया। वहीं, बहुत से सीएचओ, एएनएम और अन्य कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे।
-अनुपस्थित दर्ज करने की कार्रवाई शुरू-
हड़ताल पर गए कर्मचारियों के खिलाफ स्वास्थ्य अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से अनुपस्थित कर्मचारियों की गैरहाजिरी दर्ज की जा रही है। इससे हड़ताल कर रहे कर्मचारियों और विभाग के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति बन रही है। हालांकि, कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल के समाधान को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
अस्पतालों में मरीजों की भीड़
एक ओर सर्वे और अभियान का काम प्रभावित है वहीं, दूसरी ओर अस्पतालों में इलाज के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। हड़ताल लंबी खिंचने पर सर्वे कार्य के साथ ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर भी असर पड़ने की आशंका है। अब सभी की नजरें हड़ताल खत्म होने और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने पर टिकी हैं।
कोट
जिले में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना प्राथमिकता है। हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों की अनुपस्थिति लगाई जा रही है। मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।डॉ.किशोर आहूजा, सीएमओ।