प्रधानमंत्री द्वारा 50 दिन में व्यवस्था में सुधार के दावे जमीनी स्तर पर देखने को नहीं मिल रहे हैं। नोटबंदी के 35 दिन बाद भी हालात जस के तस हैं। सोमवार को बैंकों के बंद होने से के चलते लोग कैश के लिए शहर भर के एटीएम के चक्कर लगाते रहे।
कैश सिर्फ एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम पर मिला। सोमवार को शहर में बुलंदशहर रोड स्थित स्टेट बैंक और गढ़ रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम में कैश मिला। जबकि, शहर के अधिकतर एटीएम के शटर गिरे रहे।
कैश के लिए लोगों को इन दो एटीएम के बाहर घंटों लाइन में लगना पड़ा। लोगों ने बताया कि जब तक एटीएम सेवा सुचारु नहीं होगी, स्थिति सुधरने वाली नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह बैंक कर्मचारियों को सख्त रूप से निर्देशित करे।
वहीं, एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि तीन दिन के अवकाश के दौरान बैंकों को एटीएम सुचारु रखने के निर्देश दिए थे। कैश की कमी के कारण एटीएम बंद रहे होंगे। लोगों को असुविधा न हो इसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी द्वारा प्रधानमंत्री पर मुस्लिम बाहुल्य वाले क्षेत्रों के एटीएम में कैश नहीं डलवाए जाने का आरोप हापुड़ में गलत साबित हो रहा है। शहर में एसबीआई की मुख्य शाखा मुस्लिम बाहुल्य इलाके में है
जिसके एटीएम पर रोज कैश उपलब्ध रहता है। जबकि, शहर के बाकी अनेक एटीएम ऐसे हैं, जहां कई-कई दिन कैश नहीं आता। वहीं, शहर के मोअजिज्ज लोगों ने ओवैसी के बयान की निंदा करते हुए उसे गलत ठहराया है।