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दिन में धूप, रात में जारी है ठिठुरन

Sun, 15 Jan 2017 08:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हापुड़
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Winter - फोटो : अमर उजाला
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कड़ाके की ठंड के बीच रविवार को धूप में तो थोड़ी तेजी दिखाई दी, लेकिन ठिठुरन कम नहीं हुई। दिन ढलते-ढलते एक बार फिर पारा अपने उसी स्तर पर पहुंच गया। छुट्टी के दिन ठंड से बचने के लिए अधिकांश लोग घरों में कैद रहे।
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पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर कई दिनों से मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। पिछले सप्ताह से गलन कम होने का नाम नहीं ले रही। रविवार को सर्द हवाओं से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन ठंड में कमी नहीं आई। हालांकि, रविवार को धूप में तेजी रही।

तेज धूप के बाद भी लोग गर्म कपड़ों से लदे नजर आए। रविवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तामपान 03 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. नफीस चौधरी ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी से हवा में ठंडक बढ़ी है। जिससे वेस्ट यूपी के मैदानी इलाकों में सर्दी का प्रकोप बना है। जनवरी के तीसरे सप्ताह में चमकदार धूप निकलना मौसम बिगड़ने की आहट है।
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सिंचाई के अभाव में फसल हो रही बर्बाद

 करीब चार सप्ताह से क्षेत्र में बूंदाबांदी के सिवा अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी है। वहीं, आए दिन लाइन में फाल्ट होने से बिजली किल्लत से भी किसानों को निजात नहीं मिल पा रही है। किसानों को डीजल खरीदकर फसलों की सिंचाई का कार्य वैकल्पिक साधनों से करना पड़ रहा है।

आर्थिक तंगी के चलते छोटी जोत वाले किसानों को वैकल्पिक साधनों से सिंचाई कर पाना टेढ़ी खीर बनी हुई है। जिसके चलते चौंपा रोग के पांव पसारने और रात में पाला गिरने से उनकी फसलों में बड़े स्तर पर बर्बादी हो रही है।

हाजी उम्मेद, चुन्ने खां, नजर मुहम्मद, दुर्वेश तोमर, दयाचंद यादव, नरेश गुर्जर, पिंटू चौहान का कहना है कि सिंचाई नहीं हो पाने और पाला गिरने से फसल बर्बाद हो रही है।

मुरादनगर कृषि अनुसंधान के फसल सुरक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सर्दी के मौसम में पाला गिरने से आलू, मटर, आम एवं कटहल की पौध में झुलसा रोग पांव पसार रही है। इसकी रोकथाम के लिए नियमित रूप में सिंचाई किया जाना बेहद जरूरी है।
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