हापुड़। चीनी मिलों को क्षमता से आधा गन्ना मिल रहा है। ऐसे में अब मिल बंद करने को तीसरा नोटिस निकालने की तैयारी है। कुछ गांवों में किसानों के खेतों में गन्ना खड़ा है। ऐसे में चीनी मिलों में सत्र इस महीने के अंत तक भी खिंच सकता है।
रकबा बढ़ने के बावजूद फरवरी में ही मिल नो केन हो गई हैं। हापुड़ की दोनों चीनी मिल गन्ना भुगतान करने के मामले में फिसड्डी हैं।
इसी वजह से वर्तमान सत्र में इन मिलों का करीब 65 लाख क्विंटल गन्ना दूसरे जिलों के चीनी मिलों से जोड़ दिया गया है। इसी का परिणाम है कि फरवरी महीने में ही चीनी मिलों को पर्याप्त गन्ना नहीं मिल रहा।
इस समस्या के चलते चीनी मिल की ओर से दो नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें 25 फरवरी तक मिल चलाने का दावा किया गया था। किसानों को भी बिना पर्ची गन्ना सप्लाई करने की छूट दे दी गई। लेकिन अभी भी मिलों पर गन्ने की सप्लाई हो रही है, भले ही क्षमता से यह आधी है। ऐसे में मिल प्रबंधन ने सत्र खत्म करने के लिए तीसरा नोटिस निकालने की तैयारी शुरू कर दी है।
चीनी मिल के अधिकारियों की मानें तो 28 फरवरी या फिर दो मार्च तक मिल को चलाया जा सकता है। हालांकि तीसरा नोटिस जारी होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा। मिल बंद होने को हैं, लेकिन किसान भुगतान के लिए परेशान हैं।