हापुड़। ब्रजनाथपुर चीनी मिल का पेराई सत्र बंद करने के संबंध में दूसरा नोटिस जारी हो गया है, 26 मार्च तक किसान गन्ना सप्लाई कर सकेंगे। वहीं, सिंभावली चीनी मिल का इंडेंट भी खारिज कर, किसानों को बिना पर्ची कितना भी गन्ना डालने की छूट दे दी गई है। उधर, होली से पहले दोनों मिलों ने सात दिसंबर तक का 17 करोड़ का भुगतान कर दिया है।
जिले में गन्ने का रकबा करीब पांच हजार हेक्टेयर घटा था। इसके साथ ही फसल उत्पादन भी कम रहा। जिस कारण मार्च महीने में ही चीनी मिलों में गन्ना नहीं पहुंच रहा। अब अधिकांश गन्ना बीज के लिए ही बचा है। चीनी मिलों को भी पिछले साल के मुकाबले करीब 25 फीसदी गन्ना कम मिला है। ब्रजनाथपुर चीनी मिल की ओर से पहला नोटिस 24 मार्च तक का दिया गया था।
फिलहाल मिलों को पर्याप्त गन्ना नहीं मिल रहा है, जिस कारण ब्रजनाथपुर चीनी मिल द्वारा दूसरा नोटिस जारी किया गया है, इसमें 26 मार्च तक ही पेराई सत्र चालू रखने का समय दिया गया है। सिंभावली चीनी मिल से अधिक किसान जुड़े हैं। इस मिल का इंडेंट भी अब खारिज हो चुका है और किसानों को बिना पर्ची गन्ना सप्लाई की छूट दे दी गई है। अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक इस मिल में पेराई चालू रखने की बात कही जा रही है।
वहीं, होली से पहले सिंभावली चीनी मिल ने सिंभावली गन्ना समिति को 13.65 करोड़ और ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने हापुड़ सोसायटी को 3.70 करोड़ के चेक सौंप दिए हैं। सात दिसंबर तक का दोनों चीनी मिलों ने भुगतान कर दिया है। यह पैसा किसानों के खातों में भेजा जा चुका है।
दोनों चीनी मिलों द्वारा भुगतान की स्थिति
चीनी मिल भुगतान
सिंभावली 90.65 करोड़
ब्रजनाथपुर 41.70 करोड़
क्रेशरों पर रिकॉर्ड 430 रुपये पहुंचे गन्ने के दाम
क्रेशरों पर गन्ने के रिकॉर्ड दाम पहुंच गए हैं, इन दिनों किसानों से 430 रुपये क्विंटल तक गन्ना खरीदा जा रहा है। बाजार में गुड़ के दाम भी काफी बढ़े हुए हैं। उधर, किसानों गन्ने की नई प्रजातियों के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
कोट -
किसानों को बिना पर्ची चीनी मिलों पर गन्ना सप्लाई की छूट दी गई है। साथ ही सात दिसंबर तक का भुगतान भी करा दिया गया है। ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने दूसरा नोटिस भी जारी कर दिया है। सिंभावली मिल संभवत अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक चलेगा।
- सना आफरीन खान, जिला गन्ना अधिकारी।