सिंभावली चीनी मिल पर 238.09 करोड़ बकाया
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का 238.09 करोड़ रुपया बकाया है। किसानों को भुगतान न मिलने पर घर के खर्चे चलाने में दिक्कतें झेलनी पड़ी रही है। नया पेराई सत्र चालू होने वाला है, लेकिन मिल प्रबंधन पिछला भुगतान करने के लिए तैयार नहीं हैं।
सिंभावली चीनी मिल पहले की तरह इस बार भी किसानों को गन्ना भुगतान देने में परेशान कर रही है। गन्ना समिति सचिव राकेश पटेल के अनुसार सिंभावली चीनी मिल पर वर्ष 2021-2022 का भुगतान करीब 238.09 करोड़ रुपये बकाया है। मई माह में बंद हुए पेराई सत्र के बाद किसानों का रुका हुआ भुगतान पूरा नहीं हुआ है। इस वर्ष सिंभावली चीनी मिल ने किसानों से 145.66 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की थी, जिसकी कीमत करीब 501.69 करोड रुपये बनती है। जिसमें से अभी तक चीनी मिल ने 263.60 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया है। मिल प्रबंधन ने किसानों को नया पेराई सत्र आरंभ होने से पूर्व पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया था, नया पेराई सत्र भी अक्तूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू हो जाएगा। परंतु भुगतान होना संभव नहीं हो पा रहा। बकाया भुगतान न हो पाने किसानों को अपने घरों के खर्चे चलाने में भी परेशानी हो रही है। वहीं आगामी त्योहारी सीजन में परेशानी और अधिक बढ़ जाएगी।
सिंभावली चीनी मिल सीजीएम करन सिंह का कहना है कि मिल लगातार किसानों को भुगतान कर रहा है। जो भुगतान बकाया है, उसे भी जल्द कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला गन्नाधिकारी निधि गुप्ता का कहना है कि सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन पर जल्द से जल्द बकाया भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। चीनी बिक्री का 85 प्रतिशत गन्ना भुगतान के लिए दिया जा रहा है।