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निशुल्क वितरण को आई किताबें कबाड़ी को बेची

सार

निशुल्क वितरण को आई किताबें कबाड़ी को बेचीगढ़मुक्तेश्वर।शिक्षा विभाग के दो कर्मचारियों ने परिषदीय स्कूलों के छात्रों को निशुल्क वितरण के लिए शासन द्वारा भेजी गईं पाठ्य पुस्तकों को कबाड़ी को बेचने का प्रयास किया।लेकिन छात्रों के लिए किताबें आधा सितंबर माह बीतने पर पहुंची हैं।
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निशुल्क वितरण को आई किताबें कबाड़ी को बेची
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गढ़मुक्तेश्वर। शिक्षा विभाग के दो कर्मचारियों ने परिषदीय स्कूलों के छात्रों को निशुल्क वितरण के लिए शासन द्वारा भेजी गईं पाठ्य पुस्तकों को कबाड़ी को बेचने का प्रयास किया। सूचना के बाद खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर पहुंचे कर्मचारी ने एक कर्मी को किताबों के साथ पकड़ लिया, जबकि उसका साथी भाग निकला। दोनों के खिलाफ बहादुरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं दोनों आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
एक ओर शासन परिषदीय स्कूलों के छात्रों के लिए शिक्षा का स्तर सुधारने और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों में दाखिला कराने के लिए प्रयासरत है। छात्रों के लिए निशुल्क किताबें, ड्रेस, मिड-डे मील समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय कर्मचारियों द्वारा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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14 सितंबर को परिषदीय स्कूलों के छात्रों को निशुल्क बांटने के लिए ब्रजघाट पलवाड़ा रोड पर स्थित बीआरसी कार्यालय पर पाठ्य पुस्तकें पहुंची थीं। जो वर्तमान शैक्षिक सत्र से संबंधित हैं। बृहस्पतिवार की रात कार्यालय में तैनात दक्ष कर्मचारी परवेज अहमद निवासी ग्राम भदस्याना और प्रशांत निवासी गढ़ ने 4 से 5 क्विंटल किताबों को बीआरसी कार्यालय से चोरी कर लिया। जो कार में भरकर किताबों को बहादुरगढ़ में एक कबाड़ी की दुकान पर बेचने के लिए पहुंच गए। इसी बीच मिली सूचना के आधार पर खंड शिक्षाधिकारी पंकज चतुर्वेदी ने गांव नानई निवासी दक्ष कर्मचारी देवेंद्र कुमार को इस संबंध में जानकारी देते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया। उनके निर्देश पर देर रात देवेंद्र अपने साथ विभागीय कर्मचारी राजीव कुमार, सुमित कुमार को लेकर बहादुरगढ़ में कबाड़ी की दुकान पर पहुंच गए। जहां कार में भरी किताबें बरामद हुई। देवेंद्र का कहना है कि पूछताछ करने पर परवेज ने बताया कि किताबों को बेचकर पैसा कमाने के लालच में उसने प्रशांत के साथ मिलकर योजना बनाई थी। लेकिन किताबों को बेचने से पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया। इसी बीच प्रशांत मौके का फायदा उठाकर भाग निकला। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किताबों को कब्जे में ले लिया है।
सीओ पवन कुमार का कहना है कि परवेज और प्रशांत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कार व किताबों को कब्जे में लेते हुए परवेज को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं बीएसए अर्चना गुप्ता का कहना है कि बीआरसी कार्यालय से किताब चोरी कर बेचना गंभीर मामला है। दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं इस मामले में अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत होने की भी संभावना है, जिसे लेकर भी विभागीय स्तर से जांच की जा रही है।
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- आधा सत्र बीतने के बाद पहुंची किताबें
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के प्रयास फलीभूत होने दिखाई नहीं दे रहे हैं। अप्रैल माह में परिषदीय स्कूलों का शैक्षिक सत्र आरंभ हो गया था। तभी से लगातार स्कूलों में पढ़ाई चल रही है। लेकिन छात्रों के लिए किताबें आधा सितंबर माह बीतने पर पहुंची हैं। ऐसे में छात्र पुरानी किताबों पर निर्भर हैं या फिर बिना किताब पढ़ाई कर रहे हैं। यह भी शिक्षा प्रणाली पर एक सवालिया निशान है।
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