हापुड़। किसानों को अनुदान पर मिलने वाले यूरिया को कृषि विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने ततारपुर स्थित प्लाईवुड फैक्टरी में पकड़ा है। पिकअप में 25 बैग लादकर यहां लाए गए थे। बरसात में जिला कृषि अधिकारी ने वाहन का पीछा कर छापा मारा। फैक्टरी को सील कर थाने में तहरीर दी गई है।
दरअसल, किसानों को यूरिया पर अनुदान मिलता है। अनुदान के बाद एक बैग 266 रुपये का पड़ता है, जबकि इसकी असल कीमत 1500 रुपये से भी अधिक है। इस यूरिया को सिर्फ खेती में ही प्रयोग किया जा सकता है लेकिन उर्वरक माफियाओं के जरिये प्लाईवुड फैक्टरियों में इस यूरिया को खपाया जा रहा है।
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश को पिछले दिनों सूचना मिली थी कि ततारपुर क्षेत्र में प्लाईवुड फैक्टरी में अनुदानित यूरिया खपाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को उन्हें एक इनपुट मिला, इस पर वह टीम के साथ ततारपुर फ्लाईओवर के नीचे पहुंच गए। इसी दौरान पिकअप में यूरिया के बैग लदे दिखे।
अधिकारियों ने उसे रोके बिना ही उसका पीछा करना शुरू कर दिया। वाहन चालक यूरिया सीधे ततारपुर की एक प्लाईवुड फैक्टरी में लेकर पहुंचा। उसके वहां पहुंचते ही जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने छापा मार दिया। मौके पर कोई बिल नहीं दिखाया जा सका। प्लाईवुड फैक्टरी पर भी कोई व्यक्ति नहीं आया। ऐसे में फैक्टरी को सील कर देहात थाने में तहरीर दी गई है। फैक्टरी के अंदर कई अन्य मटेरियल मिले हैं, जिनकी भी जांच कराई जा रही है। हालांकि, यूरिया कहां से लाया गया था, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।
प्लाईवुड फैक्टरी में पकड़ा यूरिया
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश का कहना है कि ततारपुर स्थित एनटी इंडस्ट्रीज नाम से चल रही फैक्टरी में यूरिया के 25 बैग पकड़े हैं। इन बैगों में किसानों को अनुदान पर मिलने वाला यूरिया था। फैक्टरी को सील कर दिया गया है। एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है।