चुनाव आयोग की सख्ती से इस बार बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को काफी राहत मिलेगी। चुनाव प्रचार के दौरान कान फोड़ू लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध के बाद छात्रों ने राहत की सांस ली है। साथ ही चुनाव आयोग के फैसले की सराहना भी की है।
दरअसल, एक दशक पहले तक होने वाले चुनावों में राजनैतिक दलों और उनके प्रत्याशियों पर प्रचार को लेकर कोई नियंत्रण नहीं रहता था। शहर के हर गली, मोहल्ले और गांवों में वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाकर चुनाव प्रचार काफी दिन पहले से किया जाता था।
इतना ही नहीं जगह जगह कार्यालय खोलकर भंडारे चलते तथा लाउस्पीकरों की कान फोड़ू आवाज आसपास के इलाके की शांति भंग किए रहती थी। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार, बुर्जुगों और परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को होती थी।
टीएन शेषन के चुनाव आयुक्त बनने के बाद से चुनाव आचार संहिता लगातार कठोर होती जा रही है। एसएसवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष शेखर त्यागी का कहना है कि अब होने वाले विधानसभा चुनाव प्रचार पर प्रशासन का कड़ा शिकंजा है
जो चुनाव आयोग का सराहनीय कदम है। उनका कहना है कि इस सीजन में छात्र छात्राएं बोर्ड तथा विश्वविद्यालय की परीक्षाओं की तैयारी करती है। चुनाव में शोर शराबा कम होने से छात्र छात्राएं सहज परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।