हापुड़। नशीली दवाओं की बिक्री पर शासन गंभीर है। शासन से निर्देश के बाद जिले में एक ट्रांसपोर्टर और तीन गोदामों पर छापा मारकर बड़ी संख्या में कफ सिरप फेंसिडिल की खेप पकड़ी थी। वहीं अब जिले के मेडिकल स्टोरों की भी जांच होगी। इनपर स्टॉक का सत्यापन किया जाएगा।
नशे के रूप में खांसी की दवा के इस्तेमाल को देखते औषधि विभाग ने दवाओं के भंडारण, खरीद व बिक्री की अधिकतम सीमा तय की है। खांसी दूर करने के लिए कोडीन से बने कफ सिरप की एक दिन में एक ही शीशी खरीदी जा सकेगी। वहीं, अनिद्रा, दर्द निवारक व डिप्रेशन की दवाओं के भंडारण की क्षमता तय की गई है। अभी तक की जांच में पता चल रहा है कि दवाइयों के वितरक और कुछ औषधि विक्रेता नशे के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं का ज्यादा भंडारण करने के साथ अवैध बिक्री कर रहे हैं। जबकि मरीजों के लिए वास्तविक खपत काफी कम है। अधिकारियों के अनुसार कोडीन खांसी से राहत देने वाली दवाओं में पाया जाने वाला घटक है। इसके हल्के नारकोटिक के तौर पर भी जाना जाता है। इसे अकेले या अन्य दवाओं के साथ मिलाकर दिया जाता है। शरीर में पहुंचने पर लीवर एक एंजाइम की मदद से इसे मार्फीन में बदल देता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर ही इसे तय मात्रा में लेना चाहिए। लेकिन कुछ वितरक और मेडिकल स्टोर संचालक अभी भी नशीली दवाओं की क्षमता से अधिक बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में अब ऐसे वितरकों और मेडिकल स्टोर के स्टॉक की जांच की जाएगी।
नशे में प्रयोग होने वाली दवाओं की बिक्री सीमा तय-
दवा-कोडीन सीरप (सभी साइज)
भंडारण बिक्री प्रति दिन
थोक 1000 100
फुटकर 100 01
दवाट्रामाडोल व कंबीनेशन
थोक 10000 200
फुटकर 2000 चिकित्सक के पर्चे पर
दवाअल्प्राजोलम व कंबीनेशन
थोक 10000 200
फुटकर 1000 20
-
दवाक्लोनाजिपाम व कंबीनेशन
थोक 10000 200
फुटकर 2000 20
-
दवाडायजेपम व कंबीनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 200 10
दवानित्राजेपम व कंबीनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 200 10
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दवा-पैंटाजोसिन व कंबीनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 50 10
दवा-बुप्रेनोरफरिन व कंबीनेशन
थोक 2000 50
फुटकर 50 10
(नोट:एक दिन में किसी फर्म/व्यक्ति को की जाने वाली बिक्री की अधिकतम मात्रा है।)
संदिग्ध वितरकों और मेडिकल स्टोर संचालकों पर है नजर-
हाल ही में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी पर मिले कफ सिरप के स्टॉक के बाद इससे जुड़े पहलुओं पर जांच की जा रही है। इन दवाओं का नशे के रूप में इस्तेमाल की संभावनाओं को देखते हुए दूसरे वितरकों और मेडिकल स्टोर की भी जांच कराई जाएगी। ऐसे संदिग्धों की सूची तैयार की जा रही है।-उर्मिला अग्रवाल, निरीक्षक, औषधि विभाग।