पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र स्थित मोनाड विश्वविद्यालय में मंगलवार को लखनऊ से एसटीएफ की टीम फिर पहुंची और फर्जी अंकतालिका प्रकरण की जांच में लगभग तीन घंटे तक जुटी रही। इस दौरान टीम ने शिक्षकों, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की और विभिन्न अभिलेखों की पड़ताल की।
सूत्रों के अनुसार पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने पुराने मामले में उठाए गए बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन से भी टीम ने सवाल-जवाब किए। जांच के बाद शाम को टीम रवाना हो गई। गौरतलब है कि 17 मई 2025 को भी फर्जी मार्कशीट जारी करने के मामले में एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई की थी। उस समय विश्वविद्यालय के चेयरमैन बिजेंद्र सिंह समेत बारह लोगों को हिरासत में लिया गया था। वर्तमान में सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं। मोनाड विश्वविद्यालय का नाम पहले भी छात्रवृत्ति घोटाले में सुर्खियों में रहा था। 27 सितंबर 2019 को एसआईटी ने हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें 28 छात्रों ने 20.63 लाख रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। उस मामले में तत्कालीन प्रबंधक समेत तीन कर्मचारियों को जेल भेजा गया था।
मंगलवार की जांच के साथ एसटीएफ इस प्रकरण में सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है और आवश्यक कार्रवाई आगे जारी रखेगी। सीओ अनीता चौहान ने बताया टीम विश्वविद्यालय पहुंची है, कुछ बिंदुओं पर जांच की गई है। अपना कार्य पूरा कर टीम वापस लौट गई है।