हापुड़। स्टांप चोरी के वादों के निस्तारण के लिए स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने समाधान योजना पुन: लागू की है। योजना के अंतर्गत जिले में 190 स्टांप चोरी के मामलों में कम से कम 100 रुपये अर्थदंड लगाकर राहत दी जाएगी। इसके लिए विभाग द्वारा सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
वर्तमान में डीएम न्यायालय में 40, एडीएम न्यायालय में 75 और एआईजी स्टांप के यहां पर 75 मामले स्टांप चोरी के चल रहे हैं। यह मामले तीन से चार साल से भी पुराने हैं। सभी 190 मामलों से विभाग को करीब 295 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क मिलेगा, इसमें 188 मामलों में 3.5 करोड़ और दो मामलों में करीब 272 करोड़ रुपये स्टांप शुल्क मिलना है, लेकिन वाद चलने के कारण विभाग को यह शुल्क नहीं मिल पा रहा है। इन स्टांप कमी के वादों पर लगातार और अर्थदंड भी लगा हुआ है। इन वादों को निस्तारित करने और राजस्व की प्राप्ति के लिए विभाग द्वारा संबंधित पक्षकारों को भी न्याय में विलंब के कारण बढ़ने वाली ब्याज की देयता से राहत दी जाएगी।
मामले में एआईजी स्टांप अरुण शर्मा का कहना है कि स्टांप चोरी के मामलों में न्यायालय में चल रहे वादों में अर्थदंड में छूट मिलेगी। इसके लिए सभी 190 मामलों में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
निस्तारण की विवेचना में सामने आया तथ्य
प्रदेश स्तर पर स्टांप वादों के निस्तारण की विवेचना के दौरान इस प्रकार के तथ्य सामने आए हैं कि इन वादों के निर्णय में अर्थदंड समाप्त करने के लिए अपील की जा रही हैं। इसकेकारण राज्य सरकार को स्टांप चोरी की मूल धनराशि समय से प्राप्त नहीं हो पाती है और प्रकरण अनावश्यक रूप से मुकदमेबाजी में उलझ जाता है।
दो टाेल प्लाजा से वसूलने हैं 292 करोड़
छिजारसी और गढ़ के अल्लाबख्शपुर स्थित टोल प्लाजा से करीब 292 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क वसूला जाना है। इस मामले में दोनों को नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि, कुराना टोल पर वसूली के लिए दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं।