क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक मेडिकल कॉलेज के छात्रों और सपा पदाधिकारियों में जमकर संघर्ष हुआ। सपाई मरीजों से दवाइयों के नाम पर हो रही अवैध वसूली का आरोप लगाकर विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान मेडिकल के छात्रों ने उनपर हमला बोल दिया।
इसमें सपा छात्र सभा के प्रदेश सचिव गंभीर रूप से घायल हो गए। छात्रों ने मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया। संघर्ष शुरू होते ही सपा जिलाध्यक्ष वहां से खिसक गए थे। सपाइयों का आरोप है कि नेशनल हाईवे-24 पर स्थित एक मेडिकल कॉलेज में मरीजों के परिजनों से दवाई के नाम पर वसूली हो रही है।
जब परिजन बाहर से दवाईयां लाते हैं तो स्टाफ उनके साथ अभद्रता करता है। उन पर अस्पताल के अंदर से ही दवाईयां खरीदने का दबाव बनाया जाता है। मरीजों के परिजनों ने सपा जिलाध्यक्ष किशन सिंह तोमर से इसकी शिकायत की थी।
शिकायत पर जिलाध्यक्ष शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल प्रबंधन के एमएस बैंकट चिल्लम से वार्ता करने पहुंचे थे। आरोप है कि एमएस ने पहले से ही मेडिकल के दर्जनों छात्रों को अपने कार्यालय में बुला रखा था।
जब सपा कार्यकर्ता कार्यालय में वार्ता कर रहे थे तो दोनों ओर से नोक झोक शुरू हो गई। इसी दौरान छात्रों के गुट सपा पदाधिकारियों पर टूट पड़े और उनको दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। सपाइयों और मेडिकल स्टूडेंट्स के बीच हुई मारपीट से मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों में अफरातफरी मच गई।
मारपीट में सपा छात्रसभा के प्रदेश सचिव पंकज त्यागी को गंभीर चोट आई हैं। उनको देवनंदिनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि पंकज त्यागी की दो पसलियों में फ्रैक्चर है और उनके दांत टूट गए हैं।
घटना की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को भी अस्पताल के स्टाफ और छात्रों नेे निशाना बनाया। सपाइयों ने पिलखुवा कोतवाली में तहरीर दी है। वहीं एसएचओ पिलखुवा यशवीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सपा के जिलाध्यक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। उधर मेडिकल कालेज के प्रबंधक प्रशासन नरेन्द्र सिंह का कहना है कि एक मरीज के लिए लिखी गयी दवाई के पर्चे पर मेडिकल स्टोर से 999 रुपये की दवा दी गयी थी।
इसका बिल भी दिया गया था। बाद में चिकित्सक ने उक्त दवा वापस कराकर 499 रुपये कीमत की दवा मंगाई। इस पर बाकी पैसे वापस कर दिये गये थे। इसी मामले को सपाइयों ने मुद्दा बनाया, जबकि मरीज के तीमारदारों को कोई शिकायत नहीं है।
एमएस और एक महिला चिकित्सक से अभद्रता और तोड़फोड़ किये जाने पर कालेज के छात्र भड़के थे। इस मामले की तहरीर कोतवाली पिलखुवा में दी गयी है।